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बैंक लूटकाण्ड का खुलासा, दो बदमाश दबोचे।एक फरार, 1.70 लाख की नगदी सहित तमंचे कारतूस बरामद।

बैंक लूटकाण्ड का खुलासा, दो बदमाश दबोचे।एक फरार, 1.70 लाख की नगदी सहित तमंचे कारतूस बरामद।


खटीमा (चरण सिह सरारी)। बैंक ऑफ बड़ौदा में पिछले दिनों दिनदहाड़े हुई लाखों की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो बदमाशों को गिरफ्रतार कर उनके कब्जे से 1.70 लाख की नगदी दो तमंचे, कारतूस और लूट में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है। जबकि तीसरा आरोपी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। खुलासा करने वाली पुलिस टीम को डीआईजी ने 25 हजार और एसएसपी ने 20 हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।आपको बता दें कि 06अप्रैल को झनकट स्थित बैंक ऑफ बडौदा शाखा में बदमाशों ने तमंचा और चाकू की नोंक पर लूट को अंजाम देते हुए 4.42 लाख की नगदी लूट ली थी। मामले में शाखा प्रबंधक श्रीमती कुसुमलता की ओर से मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। दिनदहाड़े हुई लूट से पुलिस में हड़कम्प मच गया था। घटना के बाद एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने खुद मौका मुआयना कर अधीनस्थों का जल्द खुलसा करने के निर्देश दिये थे। घटना के 19 दिन बाद आज एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने लूटकाण्ड का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि खुलासे के लिए 10 टीमों को लगाया गया था। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पुराने प्रकाश में आये अपराधियों का सत्यापन किया। टीमो ने घटनास्थल से करीब 100 किमी के दायरे में लगे लगभग 500 सीसी कैमरों का अवलोकन किया और सर्विलांस की मदद ली। छानबीन में बैंक लूट की घटना में ललित मानवेन्द्र सिंह पुत्र मुंशी सिंह शेखावत निवासी वार्ड नं04, खोह, जिला झुझनु, राजस्थान, नरेन्द्र कुमार पुत्र लक्ष्मण राम निवासी वार्ड न04, खोह, राजस्थान, पशुपति पुत्र रामकिशन निवासी वृन्दावन इन्कलेव चेतना कालोनी नियर मिल्क डेयरी बरेली, मूल निवासी ग्राम गांगी गिधौर खटीमा के नाम प्रकाश में आये। पुलिस टीम द्वारा तत्परता से आरोपितों में से नरेन्द्र कुमार और पशुपतिनाथ को कॉमन नदी के पुल ग्राम गांगी से गिरफ्रतार कर लिया है। आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि पशुपति नाथ धारा 420 आईपीसी के मामले में जिला कारागार नहुनू राजस्थान में बन्द था। वहीं पर ललित मानवेन्द्र सिंह भी एक बैंक लूट के मामले में बन्द था। इन दोनों की जेल में ही मुलाकात और दोस्ती हुई। जेल से बाहर आने के बाद दोनों सम्पर्क में थे। इसी दौरान बैंक लूट की योजना बनायी। घटना से पूर्व पशुपतिनाथ ने ही नरेन्द्र कुमार व ललित को स्थानीय रास्ते व क्षेत्र के बारे में जानकारी दी तथा पशुपतिनाथ की मोटरसाईकिल घटना में प्रयोग हुई। घटना के बाद बचने के लिये धोखा देने के लिये आरोपितों ने मोटरसाईकिल के नम्बर से भी छेड़छाड़ की और फर्जी प्लेट लगायी। मामले में तीसरा आरोपी ललित मानवेन्द्र सिंह फरार है। पकड़े गये आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बैंक से लूटी गयी कुल रकम में से 1,70,000 के अलावा दो तमंचे और 2 कारतूस और लूट में प्रयुक्त मोटरसाईकिल भी बरामद की है। एसएसपी ने बताया कि फरार आरोपी मानवेंद्र सिंह की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है उसे भी जल्द गिरफ्रतार कर लिया जायेगा। खुलासा करने वाली टीम को डीआईजी ने 25 हजार और एसएसपी ने 20 हजार का ईनाम देने की घोषणा की है।

बैंक में गार्ड नहीं होने पर दिया अंजाम

खटीमा:- झनकट स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में सुरक्षा के इंतजाम और भीड़ कम होने के कारण लुटेरों ने इसी बैंक को वारदात के लिए चुना। पूछताछ में आरोपितो ने बताया कि उन्होंने बैंक की रेकी की थी। बैंक में गार्ड न होने एवं भीड़ कम रहने के कारण लूट के लिये इसी बैंक को चुना गया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गये बदमाश और उनका साथी बरेली के होटल कारा में रूकते थे और यहीं आरोपी पशुपति नाथ की मोटरसाईकिल में आकर रेकी करते थे। मोटरसाईकिल की नंबर प्लेट में मिट्टी लगाकर नंबर छिपाया था। ये लोग अपना मोबाईल बरेली में ही बन्द कर दिए थे। बरेली से नरेन्द्र और ललित मोटरसाईकिल से आये थे। जबकि पशुपतिनाथ बस से आया था। इसके बाद तीनों पीलीभीत में पूर्व नियोजित स्थान पर मिले थे। घटना वाले दिन यहाँ से तीनों पोलीगंज तक मोटरसाईकिल में ही आये। पशुपति नाथ पोलीगंज में ही उतर गया। पोलीगंज से नरेन्द्र व ललित ही घटना को अंजाम देने के लिए बैंक में आये।

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