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नानकमत्ता-सितारगंज में ‘मिट्टी माफिया’ का साम्राज्य! दिन-रात अवैध खनन, प्रशासन पर मिलीभगत के संगीन आरोप, सरकार को लाखों का चूना।

नानकमत्ता-सितारगंज में ‘मिट्टी माफिया’ का साम्राज्य! दिन-रात अवैध खनन, प्रशासन पर मिलीभगत के संगीन आरोप, सरकार को लाखों का चूना।

सितारगंज/नानकमत्ता:(चरन सिंह सरारी)  कोतवाली क्षेत्र के ध्यानपुर, बिचुवा, सिद्धा, कैथुलिया, मटिया व साधुनगर गांवों में इन दिनों अवैध मिट्टी खनन का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है, जहां खनन माफिया दिन-रात जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से खेतों की उपजाऊ जमीन को 4 से 5 फीट तक खोदकर हाइवा, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए धड़ल्ले से मिट्टी का अवैध कारोबार कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। आरोप है कि कहीं ईंट भट्टों की आड़ में तो कहीं बिना किसी वैध अनुमति के खनन माफिया प्रशासन से सांठगांठ कर इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे हैं, जिससे सरकार को हर रोज लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों में भारी रोष है और उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती, जिससे साफ है कि माफिया तंत्र बेहद मजबूत हो चुका है। इतना ही नहीं, इस अंधाधुंध खनन से किसानों की उपजाऊ जमीन बर्बाद हो रही है और आसपास के खेतों की संरचना भी प्रभावित हो रही है, जिससे कृषि उत्पादन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। प्रदेश में अवैध खनन को लेकर विपक्ष पहले ही सरकार पर तीखे हमले कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक उदासीनता सवालों के घेरे में है। हालात यह हैं कि कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए मिट्टी माफिया बेखौफ होकर अपना साम्राज्य चला रहे हैं और जिम्मेदार विभाग सिर्फ तमाशबीन बना हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।




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