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लौका के जंगलों में रात के अंधेरे में मिट्टी खनन का खेल! वन विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त; विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल।

लौका के जंगलों में रात के अंधेरे में मिट्टी खनन का खेल! वन विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त; विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल।

सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) सितारगंज क्षेत्र के ग्राम लौका के जंगलों में कथित तौर पर रात के अंधेरे में लगातार चल रहे मिट्टी खनन के मामले ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली और जंगलों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल क्षेत्र में रात के समय मिट्टी खनन किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और खनन में इस्तेमाल की जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। विभाग की इस कार्रवाई से मिट्टी खनन में जुटे लोगों में हड़कंप मच गया, वहीं क्षेत्र में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि ग्राम लौका के जंगलों में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मिट्टी खनन किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। आरोप है कि अंधेरा होने के बाद खनन की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यदि जंगल क्षेत्र में लगातार मिट्टी खनन हो रहा था, तो इसकी भनक संबंधित अधिकारियों को समय रहते क्यों नहीं लगी? क्या जंगलों में निगरानी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, या फिर रात के समय होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने में कहीं न कहीं चूक हो रही है? वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई को अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, लेकिन केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लेने से पूरे मामले का पटाक्षेप नहीं हो जाता। जरूरत इस बात की है कि खनन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि मिट्टी कहां से निकाली जा रही थी, इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था तथा इस गतिविधि में किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि खनन कितने समय से चल रहा था और इससे जंगल क्षेत्र की जमीन एवं पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचने की आशंका है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मामला केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की जब्ती तक सीमित रहेगा या कथित मिट्टी खनन के पूरे नेटवर्क की भी जांच होगी? विभाग की ओर से मामले को लेकर विस्तृत जानकारी और आगे की कार्रवाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है। ऐसे में वन विभाग की सीमित जानकारी भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय स्तर पर यह अपेक्षा की जा रही है कि विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए तथा यदि जांच में अवैध खनन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल ग्राम लौका के जंगलों में मिट्टी खनन के मामले ने तूल पकड़ लिया है और वन विभाग द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए जाने के बाद अब लोगों की निगाहें विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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