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सितारगंज के रम्पुरा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला गर्माया — स्थानीयों में आक्रोश, मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग।

सितारगंज के रम्पुरा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला गर्माया — स्थानीयों में आक्रोश, मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग।

सितारगंज:(विशेष ब्यूरो) नगर के रम्पुरा में राज्य सरकार की श्रेणी 6-2 की भूमि पर अवैध कब्जा कर बहुमंजिला इमारत खड़ी किए जाने का मामला अब सुर्खियों में है। ग्राम हल्दुआ निवासी हरमीत सिंह पुत्र सुवेग सिंह ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सहित उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि चेतन जिंदल व गौरव जिंदल पुत्रगण ईश्वर जिंदल द्वारा ग्राम रम्पुरा स्थित खसरा संख्या 173 व 174 (कुल लगभग 1200 वर्गफिट भूमि) पर प्रशासनिक मिलीभगत से अवैध रूप से तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की है और खतौनी में पार्क को जाने वाली सड़क के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद उक्त व्यक्तियों ने “मिठास स्वीट्स” के नाम से बोर्ड लगाकर अवैध निर्माण जारी रखा हुआ है। हरमीत सिंह का कहना है कि उन्होंने इस अवैध निर्माण की शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन से मौखिक व लिखित रूप से की, लेकिन कार्रवाई के अभाव में अब भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर निजी लाभ कमाने की कोशिश न केवल शासन के नियमों की खुली अवहेलना है, बल्कि यह सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का भी मामला है। नगरवासियों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को भेजे गए शिकायती पत्र में मांग की गई है कि अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए, पहले से बने निर्माण को ध्वस्त किया जाए और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर जनहित के कार्यों के लिए सुरक्षित रखा जाए। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होगे।

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