रम्पुरा मोहल्ले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर खड़ी की जा रही इमारत, मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप — मिलीभगत के आरोपों से गरमाया माहौल, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
13 अक्टूबर, 2025
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सितारगंज (चरनसिंह सरारी)। नगर के रम्पुरा क्षेत्र में राज्य सरकार की श्रेणी 6-2 की भूमि पर अवैध कब्जा कर बहुमंजिला इमारत खड़ी किए जाने का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। ग्राम हल्दुआ निवासी समाजसेवी हरमीत सिंह पुत्र सुवेग सिंह ने मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी सहित शासन-प्रशासन के उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर बड़ा खुलासा किया है कि चेतन जिंदल व गौरव जिंदल पुत्रगण ईश्वर जिंदल निवासी सितारगंज द्वारा रम्पुरा मोहल्ला स्थित खसरा संख्या 173 व 174 (कुल लगभग 1200 वर्गफुट भूमि) पर अवैध रूप से तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि यह भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की है तथा खतौनी में “पार्क को जाने वाली सड़क” के रूप में दर्ज है, बावजूद इसके संबंधित विभागों की मिलीभगत से निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त स्थान पर “मिठास स्वीट्स” नाम से बोर्ड लगाकर व्यावसायिक गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं, जबकि भूमि पूरी तरह से सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है।हरमीत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार स्थानीय प्रशासन से मौखिक व लिखित रूप में की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने तहसील व राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो यह सरकारी संपत्ति निजी हाथों में चली जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर तत्काल निर्माण कार्य रोकने, बन रहे भवन को ध्वस्त करने और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर जनहित के कार्यों के लिए सुरक्षित रखने की मांग की है।उधर, उपजिलाधिकारी सितारगंज रविन्द्र कुमार जुवाठा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सत्यता की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर राजस्व निरीक्षक अन्नत शर्मा को जांच सौंपी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर इस तरह इमारतें खड़ी होती रहीं तो आने वाले समय में शासन-प्रशासन की साख पर सवाल खड़े हो जाएंगे। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन व आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल रम्पुरा क्षेत्र में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर निगाहें लगाए हुए