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आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी ने किया कृषि कानून वापस लेने का ऐलान

आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी ने किया कृषि कानून वापस लेने का ऐलान

 


नई दिल्ली (ब्यूरो) देश में नये कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले कई महिनों से जारी किसानों के आंदोलन के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया है। केंद्र सरकार को भूमि अधिग्रहण कानून को भी वापस लेना पड़ा था। अब केंद्र सरकार को कृषि कानून भी वापस लेने का ऐलान करना पड़ा है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैन ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। आंदोलनरत हजारों किसानों से अपील करते हुए पहली बार पीएम मोदी ने कहा, कृषि में सुधार के लिए तीन कानून लाए गए थे। ताकि छोटे किसानों को और ताकत मिले। सालों से ये मांग देश के किसान और विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री मांग कर रहे थे। जब ये कानून लाए गए, तो संसद में चर्चा हुई। देश के किसानों, संगठनों ने इसका स्वागत किया, समर्थन किया। मैं सभी का बहुत बहुत आभारी हूं। पीएम मोदी ने कहा, साथियों हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए देश के कृषि जगत के हित में, गांव, गरीब के हित में पूर्ण समर्थन भाव से, नेक नियत से ये कानून लेकर आई थी। लेकिन इतनी पवित्र बात पूर्ण रूप से किसानों के हित की बात हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। शायद हमारी तपस्या में कमी रही। भले ही किसानों का एक वर्ग इसका विरोध कर रहा था। हमने बातचीत का प्रयास किया। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया। पीएम मोदी ने कहा, हमने कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया। पीएम मोदी ने कहा, आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे। पीएम मोदी ने आंदोलन कर रहे किसानों से अपील की। पीएम मोदी ने कहा, मैं आंदोलन कर रहे किसानों से गुरु पर्व के मौके पर अपील करता हूं कि आप अपने अपने घर लौट जाएं। आप खेतों में लौटें, परिवार के बीच लौटें, आईए मिलकर एक नई शुरुआत करते हैं। राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान तीनों कानून वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। किसानों ने साफ कर दिया था कि उन्हें इन कानूनों की वापसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं। केंद्र सरकार ने किसानों की चिंता पर संशोधन की बात कही। दो साल तक कानून सस्पेंड करने का भी आश्वासन दिया लेकिन किसान आंदोलन खत्म करने को राजी नहीं हुए। पीएम मोदी ने इसका भी जिक्र अपने संबोधन में किया। इससे पहले भी पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को एक अध्यादेश वापस लेना पड़ा था। केंद्र सरकार को जब भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लेना पड़ा था और पीएम मोदी के सरकार ने 31 अगस्त 2015 को ये कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया।

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