वैद्य प्रदीप भंडारी को राजनैतिक और सामाजिक हस्तियों ने किया सम्मानित
रामनगर: (सतपाल सरारी) कोटाबाग ब्लाक अंतर्गत पवलगढ़ गांव में करीब दस वर्षों से गौ मूत्र क्रांति संस्थान चला रहे वैद्य प्रदीप भंडारी को चिकित्सा के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए एक समारोह में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक राकेश जैन, रामनगर के विधायक दिवान सिह बिष्ट सहित विभिन्न संगठनों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर गौ मूत्र क्रांति के दम पर लाईलाज बिमारियों से जंग जीतने वाले कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा किये। बता दें मशहूर वैद्य प्रदीप भंडारी गौ मूत्र और जडी बूटियों से बनी दवा से कैंसर के अनगिनत रोगियों को नया जीवन दे चुके हैं। इसके अलावा शुगर, बीपी, गठिया,हेपेटाइटिस, सहित तमाम अन्य गंभीर रोगों से भी वह अनगिनत रोगियों को निजात दिला चुके हैं। वैद्य प्रदीप भंडारी ने 17 वर्षों तक साधु संतों के साथ गौ मूत्र और हिमालय की वनस्पतियों पर शोध करके उपचार का ऐसा फार्मूला तैयार किया है जिससे लाईलाज रोगी भी स्वस्थ हो रहे हैं उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज पवलगढ़ स्थित गौ मूत्र क्रांति संस्थान पहुंचकर गंभीर रोगों से मुक्ति पा चुके हैं। पिछले दिनों कोरोना की प्रचंड लहर के दौरान भी कोविड मरीजों पर वैद्य प्रदीप भंडारी की दवा कारगर साबित हुई और उन्होंने गौ मूत्र और जड़ी बूटियों से बनी दवा से कोरोना संक्रमित कई मरीजों को घर पर ही ठीक किया। वैद्य प्रदीप भंडारी के इसी योगदान को देखते हुए उन्हें पवलगढ़ में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक एवं पर्यावण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक राकेश जैन, रामनगर के विधायक दिवान सिंह बिष्ट ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और वैद्य प्रदीप भंडारी के गौ मूत्र क्रांति अभियान की सराहना की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे दीवान डोगरा के अलावा दिनेशपुर नगर पंचायत की चेयरमैन सीमा सरकार के पति हिमांशु सरकार, रामनगर स्थित पुष्कर हावीज क्लासेस की अध्यक्ष पूनम गुप्ता सहित कई अन्य संस्थाओं ने भी वैद्य भंडारी को प्रशस्ति पत्र देकर और शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि राकेश जैन ने कहा कि गौ मूत्र और जड़ी बूटियों के प्रयोग से लोगों को लाईलाज रोगों से निजात दिलाकर वैद्य प्रदीप भंडारी ने चमत्कारिक परिणाम देकर प्राचीन चिकित्सा पद्यति को प्रतिष्ठापित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि गौ मूत्र अपने आप में एक औषधि है, यह लाईलाज रोगों के ईलाज के लिए संजीवनी से कम नहीं। इसके साथ जड़ी बूटियों का मिश्रण करके यह लाईलाज रोगों को भी ठीक कर सकती है। इसके प्रत्यक्ष प्रमाण पवलगढ़ गौ मूत्र क्रांति संस्थान में देखने को मिले हैं। श्री जैन ने लोगों से प्राचीन भारतीय संस्कृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए पाॅलीथीन का प्रयोग बंद करने का आहवान भी किया। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा वह खुद शुगर के मरीज थे गौ मूत्र ओर जड़ी बूटियों के सेवन से उन्हें चमत्कारिक परिणाम देखने को मिले। उन्होंने कहा कि गौ मूत्र चिकित्सा प्राचीन चिकित्सा पद्यति है, लोग इसे भूलते जा रहे हैं वैद्य प्रदीप भंडारी ने इस चिकित्सा पद्यति को पुनर्जीवित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदीप भंडारी जो सेवा का कार्य कर रहे हैं वह सराहनीय है। दिनेशपुर की चेयरमैन सीमा सरकार के पति भाजपा नेता हिमांशु सरकार ने भी प्रदीप भंडारी के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि वह खुद भी शुगर से परेशान थे उनका शुगर लेवल बहुत अधिक बढ़ चुका था। गौ मूत्र के नियमित सेवन के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। कार्यक्रम में पहुंचे काशीपुर के चिकित्सक डा. विकास गहलौत ने भी माना कि गौ मूत्र और जड़ी बूटियों से बनी दवा लाईलाज रोगों में भी कारगर है। उन्होंने कहा कि इसके परिणाम वह स्वयं देख चुके हैं। इस दौरान गो मूत्र और जड़ी बूटियों से कैंसर की अंतिम स्टेज को भी मात दे चुकी हल्द्वानी की अर्चना गुप्ता ने अपने अनुभव साझा किये और नार्मल आई अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई। कैंसर को मात दे चुके हल्द्वानी के डा. ज्ञान सिंह ने भी अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की। इनके अलावा कई अन्य मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए नया जीवन मिलने पर गौ मूत्र क्रांति संस्थान का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री राजेश कुमार ने किया। वैद्य प्रदीप भंडारी देवभूमि के अनमोल रत्न है। उनकी जितनी सराहना की जाये वह कम है। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों को वैद्य प्रदीप भंडारी और उनके संस्थान की टीम ने शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान श्री भंडारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कहा कि गौ मूत्र क्रांति संस्थान से आज जो भी रिजल्ट सामने आये हैं वह सब )षि मुनियों और साधु संतों की तपस्या का प्रतिफल है। उन्होंने जो ज्ञान दिया उसी का प्रयोग करके उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्यति पर लोगों का भरोसा लौट रहा है। यह भविष्य के लिए शुभ संकेत हैं। लोगों के भरोसे के दम पर ही बेहतर परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा चिकित्सा के क्षेत्र में जो उनके ये प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। उनका प्रयास है कि गंभीर रोगों की चपेट में आये लोग अपनी जिंदगी से निराश न हों और एक खुशहाल जीवन व्यतीत करें। इस अवसर पर अश्वनी सि(ार्थ, अतुल पंडित, राजीव अग्रवाल, सोनिया शर्मा, भावना कांडपाल, श्रीमति पदमा तिवारी, तुषार अग्रवाल, वीपी श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में दूर दराज से आये लोग मौजूद थे।