-->

search ad

फुलदेई पर्व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया।

फुलदेई पर्व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया।


सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) उत्तराखंड का लोक पर्व फूलदेई, क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोक पर्व फूलदेई के प्रति, पर्वतीय समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नन्हे बच्चों द्वारा लोक गीत को गाते हुए, हर घर के दहलीज में फूल चावल डाला जाता है। जहां बच्चों को उपहार में गुड़ चावल एवं दक्षिणा दिए जाते है।फूलदेई भी प्रकृति को जो बसन्त ऋतु के स्वागत का प्रतीक है। नए साल का, नई ऋतुओं का, नए फूलों के आने का संदेश लाने वाला ये त्योहार उत्तराखंड का लोक पर्व है जिसे गांवों और कस्बों में मनाया जाता है।इस दिन छोटे-छोटे बच्चे, सुबह-सुबह जंगली फूल और फलों को चुनकर लाते हैं औऱ फिर, एक थाली या टोकरी में इनको सजाकर इनके साथ चावल और नारियल आदि लेकर हर घर की देहरी पर लोकगीत को गाते हुए देहरी की पूजा करते हैं।जिसके फलस्वरुप घर का मुखिया उनको चावल, आटा या अन्य कोई अनाज और दक्षिणा देकर विदा करता है। सितारगंज क्षेत्र के ग्रामीण इलाको के पर्वतीय समाज के लोगों ने भी फूलदेई लोक पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन