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खालसा साजना दिवस (वैशाखी पर्व) पर नगर कीर्तन निकाला गया।

खालसा साजना दिवस (वैशाखी पर्व) पर नगर कीर्तन निकाला गया।


5सितारगंज(चरनसिंह सरारी) खालसा साजना दिवस (बैशाखी पर्व) बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया, जिसमें रणजीत अखाड़ा का बैगपाइपर बैंड रुद्रपुर आकर्षण का केंद्र रहा।नगर व ग्रामीण क्षेत्र की संगत ने बैशाखी पर्व पर खालसा चेतना मार्च नगर कीर्तन सितारगंज क्षेत्र में धूम धाम से शामिल होकर और गुरु घर की खुशियां प्राप्त की।  खालसा चेतना मार्च नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सितारगंज से प्रारंभ होकर श्री नानकमत्ता साहिब तक पैदल भजन कीर्तन करते हुए पहुंचे, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई में निकाले जाने वाले खालसा चेतना मार्च में गतका पार्टी रणजीत अखाड़ा रुद्रपुर का बैगपाइपर बैंड मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।गुरु गोविंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरु थे। वर्ष 1699 में बैसाखी पर्व के दिन ही खालसा पंथ की स्थापना की थी। आज भी सिख धर्म में इनके त्याग और वीरता की मिसाल दी जाती है। ये दिन सिखों के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण है। खालसा का मतलब होता है खालिस यानी शुद्ध जो मन, कर्म और वचन से पूरी तरह शुद्ध हो और समाज के प्रति पूरी तरह से समर्पित हो, आज ही के दिन उन्होंने 5 प्यारों को अमृत पान करवाया था। साथ ही पांच प्यारों के हाथों से खुद अमृत पान किया था। आपको बताते चलें कि बैसाखी पर्व पर सितारगंज क्षेत्र में नगर कीर्तन निकाला गया जिसमें क्षेत्र की संगत ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।वही क्षेत्र के लोगो ने जगह-जगह स्टाल लगाकर पैदल चल रही संगत को चाय,बूदी ओर फलों का प्रसाद वितरित कर पुण्य कमाया।इसके बाद खालसा चेतना मार्च का समापन गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में पहुँचकर अरदास कर हुआ।

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