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नानकसागर डैम में सी प्लेन उतारने की योजना आखिर क्यों अधर में लटकी।

नानकसागर डैम में सी प्लेन उतारने की योजना आखिर क्यों अधर में लटकी।


चुनाव से पूर्व पर्यटन विभाग ने बनाई थी सी प्लेन योजना।


रूद्रपुर/नानकमत्ता:(चरनसिंह सरारी) देहरादून से नानकसागर डाम में सी प्लेन उतारने की योजना चुनाव से पूर्व चर्चा में रही थी लेकिन चुनाव होते ही आखिर क्यों सी प्लेन उतारने की योजना अधर में लटक गई। फिलहाल नानकसागर डैम का काफी हिस्सा अभी सूखा हुआ है। जिस कारण अगर विभाग चाहे भी तो भी अभी सी प्लेन उतारना संभव नही होगा। उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव से पूर्व पिछले वर्ष सितम्बर माह में उत्तराखण्ड के पर्यटन विभाग ने पर्यटन परियोजनाओं के तहत टिहरी झील व नानकसागर डैम में जोलीग्रान्ट देहरादून से सी प्लेन उतारने की तैयारी की थी। जिसका प्रस्ताव बनाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को सौप दिया था। सी प्लेन योजना के तहत नानकमत्ता साहिब में पहुंचने वाले श्रद्धालु सी प्लेन से आसानी से यहां पहुंच सकते थे। तत्कालीन विधायक डॉ० प्रेम सिंह राणा ने भी सी प्लेन की योजना का स्वागत करते हुये इस योजना को पर्यटन के हिसाब से खासा महत्वपूर्ण बताया था। वही सरकार ने भी चूनाव से पूर्व इस योजना की काफी तारीफ की थी। लेकिन अब चुनाव होने के बाद सी प्लेन की योजना ठप्प सी हो गई है। पर्यटन विभाग ने भी सी प्लेन की योजना पर आगे कोई कार्य नही किया। वर्तमान में नानसागर डैम में पानी सूखने से अभी सी प्लेन की योजना आगे बढ़ने की संभावना कम दिखाई दे रही है। इसके अलावा सी प्लेन उतारने में कई टेक्निकल दिक्कतें भी सामने आई है, जिस कारण सी प्लेन उतारने वाली कम्पनी कोई जोखिम नही लेना चाहती है।

दो माह से वाटर स्पोर्टस का कार्य भी ठप।

नानकमत्ता: नानकसागर डैम का पानी सुखने से वाटर स्पोर्टस से जुड़ा कारोबार भी प्रभावित हुंआ है। पिछले एक वर्ष से डैम में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रही वोटर नाव पानी के अभाव में धूल फांक रही है। पिछले दो माह से डैम में चलने वाली तीन वोटर नाव बंद है, जिससें पर्यटकों के साथ ही वोटर नाव से जुड़े लोगों का धंधा भी चौपट हो गया है। सरकार को डैम का जलस्तर बढ़ाने के लिए बड़ी योजना पर कार्य करने की जरूरत है।

डैम में जमा सिल्ट भी बनी रोड़ा।

नानकमत्ता: सी प्लेन उतारने की योजना में सबसे बड़ा रोड़ा नानकसागर डैम में वर्षाे से जमा सिल्ट बताई जा रही है। पहाड़ों पर होने वाली बारिष के दौरान भारी मात्रा में मिट्टी व रेत डैम में आती है। लेकिन यूपी के स्वामित्व वाले नानसागर डैम की सिल्ट को हटाने का काम नही किया गया, जिस कारण डैम में पानी का जलस्तर भी कम हो गया। सी प्लेन उतारने में डैम में पानी की गहराई ज्यादा होना जरूरी है।

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