-->

search ad

जन्माष्टमी पर्व धर्म,कर्म व सच्चाई का पर्व -- दलीप सिंह मक्कड़

जन्माष्टमी पर्व धर्म,कर्म व सच्चाई का पर्व -- दलीप सिंह मक्कड़


रुद्रपुर/उधमसिंहनगर:(चरनसिंह सरारी) मोदी विकास मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार दलीप सिंह मक्कड़ ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है।  श्रीकृष्ण भगवान में अनंत शक्ति समाहित थी भगवान कृष्ण ने कर्म,धर्म, सच्चाई , गुरु भक्ति ,निस्वार्थ सेवा और जरुरत मंदो को निष्काम सेवा इन सभी सिंधान्तो को परधानता दी कंस ने अनेको राक्षसों को भेजा श्री कृष्ण का वध करने के लिए पर श्री कृष्ण ने बालवस्था में ही उन राक्षसों का वध कर दिया आगे चल कर उन्होंने ने मामा कंस का भी वध कर दिया और अपनी माता पिता को करागर से बंधी मुक्त करवा लिया  आगे चल कर महाभारत का धर्म युद्ध हुआ जिसमें उनको कौरवों को अपनी 7 ओशनिया सेना दी और पांडवों को निहत्थे हाथ अपने आप को समर्पित कर दिया इस धर्म युद्ध में पांडवो की जीत हुई क्योंकि पांडव कर्म धर्म और सच्चाई  गुरु भक्ति की राह पर चलते थे  और आशाये लोगो की मदद करते थे दुर्योधन की माँ गांधारी ने कहा कि कृष्ण भगवान⁰ तुम युद्ध रोकने में सक्षम  थे मेरे पुत्रों का भी वध नहीं होता और नरसंहार भी नहीं होता इसलिए मैं तुम्हें अभिशाप देती हूं कि यादव कुल भी आपस में नरसंहार करेगा तो कृष्ण भगवान ने कहा कि माता गांधारी जहां धर्म होता है वहीं मेरा वास होता है मुझे आपका दिया हुआ अभिशाप मंजूर है कृष्ण भगवान के गीता के उपदेश को आज भी लोग बड़े प्रेम से पढ़ते हैं और उससे कर्म, धर्म गुरु सेवा, सच्चाई, और जरुरतमंदो की निस्वार्थ सेवा का ज्ञान प्राप्त होता है।

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन