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कृष्ण जन्माष्टमी पर देवांश बने कृष्णा राधा बनी शिवाक्षी

कृष्ण जन्माष्टमी पर देवांश बने कृष्णा राधा बनी शिवाक्षी

सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सितारगंज में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष में देवांश बने श्री कृष्णा तो वहीं से शिवाछी भारद्वाज बनी राधा आपको बताते चलें श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर वर्ष बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है जन्माष्टमी पर्व पर मंदिरों में झालरों फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया  बड़ी ही धूमधाम के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही हैं भगवान विष्णु ने धरती पर पाप और अधर्म का नाश करने के लिए हर युग में अवतार लिया है। विष्णु जी के एक प्रमुख अवतार भगवान श्रीकृष्ण हैं, जिनका जन्म मथुरा की राजकुमारी देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में हुआ था।श्रीकृष्ण के जन्म की कहानी का जन्म राजा कंस की जेल में हुआ, जो देवकी के भाई और मथुरा के अत्याचारी शासक थे। कान्हा का बचपन गोकुल में माता यशोदा और नंद बाबा की देखरेख में बीता। जन्म के तुरंत बाद, वासुदेव ने उन्हें कंस के भय से बचाने के लिए अपने चचेरे भाई नंद बाबा और यशोदा के पास छोड़ दिया था। इस प्रकार, श्रीकृष्ण का बचपन गोकुल में प्रेम और सुरक्षा के वातावरण में बीता, जहां उन्होंने अपने अद्भुत लीलाओं से सभी को चौंका दिया था। आपको बता दें कि सितारगंज नगर के सनातन धर्म मंदिर में पूजा अर्चना सुबह से ही चालू हो गई है भगवान श्री कृष्णा के दर्शन के लिए मंदिर में सुबह से ही श्री कृष्ण के भक्त पहुंच रहे हैं और जगह-जगह झांकियां सजाई जा रही हैं। सितारगंज के बाजारों में भी काफी भीड़ देखने को मिली लोगों ने भगवान श्री कृष्ण के वस्त्र मूर्ति आदि सामान खरीदा है मिठाइयों की दुकान पर भी भीड़ लगी हुई है आज रात को 12 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्म होगा पूरा सितारगंज शहर आज भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन हो गया भगवान श्री कृष्ण के भक्तों ने हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नारे लगाए।



फोटो देवांश एवं शिवाक्षी राधा कृष्ण का रोल निभाते हुए

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