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खंड विकास सभागार में गूंजा टीबी मुक्त भारत का संकल्प, ग्राम प्रधानों ने लिया उन्मूलन का संकल्प, स्वास्थ्य विभाग व इंपैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट ने दी जागरूकता की नई दिशा।

खंड विकास सभागार में गूंजा टीबी मुक्त भारत का संकल्प, ग्राम प्रधानों ने लिया उन्मूलन का संकल्प, स्वास्थ्य विभाग व इंपैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट ने दी जागरूकता की नई दिशा।

सितारगंज :(चरनसिंह सरारी) राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने के उद्देश्य से आज खंड विकास सभागार में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के लिए एक भव्य व ऐतिहासिक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसने ग्राम स्तर पर जागरूकता का नया अध्याय लिख दिया। मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन व अपर जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. कुलदीप यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सहयोगी संस्था इंपैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट (डब्लूएचपी) की राज्य व जिला टीम ने ग्राम प्रधानों को टीबी उन्मूलन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। कार्यशाला का शुभारंभ जिला पीएमटीबी समन्वयक नवल किशोर पंडित ने किया, जिन्होंने टीबी के प्रति विभागीय प्रयासों व उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट लीड पंकज जोशी व प्रोजेक्ट के विवेकानंद पांडेय ने टीबी उन्मूलन की रणनीति, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय मित्र बनने की आवश्यकता पर प्रेरक विचार रखे।
खंड विकास अधिकारी सी.आर.आर्या ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ग्राम प्रधान गांव-गांव तक संदेश पहुंचाने में सबसे अहम कड़ी हैं, उनके सहयोग से ही टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को शीघ्र ही हासिल किया जा सकता है। ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष रेशम सिंह ने सभी प्रधानों का स्वागत व आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधान संघ सदैव जनकल्याण व विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंपैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट द्वारा आयोजित इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की और सभी प्रधानों को टीबी मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई।इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी (पं.) के.सी. बहुगुणा, खंड समन्वयक बंशीधर, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक राजीव (सीएचसी किच्छा) व सुनील राय ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर प्रधानों को जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई और अभियान को गति देने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की गई। खंड के सभी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की उपस्थिति से यह कार्यशाला संकल्प, सहयोग और समर्पण का अद्भुत उदाहरण बनी, जिसने पूरे क्षेत्र में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।

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