गांधी जयंती पर गूँजा स्वच्छता संकल्प : 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने दिया संदेश – “सीमा की सुरक्षा के साथ स्वच्छ समाज का निर्माण भी हमारी जिम्मेदारी”।
03 अक्टूबर, 2025
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सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) महात्मा गांधी की 156वीं जयंती (02 अक्टूबर 2025) पर जब देशभर में बापू को नमन किया जा रहा था, तभी 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने कार्यवाहक कमांडेंट मनोज कुमार के नेतृत्व में “स्वच्छता ही सेवा 2025” अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। ग्राम सिद्धग्रबियांग स्थित मंदिर परिसर में आयोजित इस विशेष स्वच्छता कार्यक्रम में बल के सैकड़ों जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर श्रमदान किया और साफ-सफाई कर गांधी जी के उस संदेश को याद दिलाया कि “स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्त्वपूर्ण है।” कार्यक्रम की शुरुआत “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” संकल्प से हुई, जिसके अंतर्गत सभी प्रतिभागियों ने प्रति वर्ष 100 घंटे (प्रति सप्ताह 2 घंटे) स्वच्छता हेतु श्रमदान करने की शपथ ली। इस अवसर पर बल के जवानों ने न केवल खुद स्वच्छता का संकल्प लिया बल्कि यह भी ठाना कि वे गाँव-गाँव और गली-गली जाकर लोगों को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ेंगे और जन-जन तक जागरूकता पहुँचाएँगे। ग्रामीणों ने भी इस पहल का खुले दिल से स्वागत करते हुए आश्वासन दिया कि वे आगे भी अभियान से जुड़े रहेंगे और अपने गाँव को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय योगदान देंगे। इस मौके पर सहायक उप निरीक्षक हीरा सिंह, आरक्षी नेकपाल, संजय, विजेंद्र सहित कई अन्य जवानों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। 57वीं वाहिनी ने गांधी जयंती पर यह संदेश देकर सबका दिल जीत लिया कि वह सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ एक स्वच्छ, स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।