धान खरीद में भारी लापरवाही पर किसानों का फूटा आक्रोश — प्रमुख सचिव एन.एन. फैनई से टेलीफोनिक वार्ता में जताई गहरी नाराजगी, बोले—“एक हफ्ते से मंडियां ठप, बारिश ने बर्बाद की मेहनत, सरकार तुरंत राहत दे”।
07 अक्टूबर, 2025
Edit
किच्छा:(चरनसिंह सरारी) जिलेभर के किसानों में धान खरीद में हो रही देरी को लेकर जबरदस्त रोष देखने को मिला। किसानों ने सोमवार को किच्छा मंडी में खाद्य रसद, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के प्रमुख सचिव एन.एन. फैनई से टेलीफोन पर वार्ता करते हुए प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई। किसानों ने कहा कि पूरे उधम सिंह नगर जिले में सभी धान क्रय केंद्र और पोर्टल 1 अक्टूबर से शुरू हो जाने चाहिए थे, ताकि किसान अपनी फसल बेच सकें, लेकिन शासन और जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते एक सप्ताह बीतने के बाद भी अधिकांश पोर्टल बंद रहे। अब जब कुछ केंद्र खुले हैं, तो लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मंडियों में सुखाकर लाया गया धान भीगकर खराब हो रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।किसानों ने प्रमुख सचिव से मांग की कि सरकार तत्काल मंडियों में ड्रायर की व्यवस्था कराए, ताकि भीगे हुए धान को सुखाकर तौल शुरू की जा सके। साथ ही, किसानों को बिना देरी के भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले ही फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने और बढ़ती महंगाई के कारण किसान की हालत दयनीय है, अब कुदरत की मार ने स्थिति और बदतर कर दी है। किसान अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतें और बेटियों की शादी कैसे करेंगे—यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। किसानों ने पंजाब सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार से भी मांग की कि इस बेमौसम बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ कम से कम ₹25,000 की राहत राशि तत्काल दी जाए।
इस मौके पर एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम गौरव पांडेय, मंडी अधिकारी मोहन जोशी, जिला नोडल अधिकारी (सहकारिता विभाग) नवल शर्मा सहित क्षेत्र के प्रमुख किसान नेता फुरकान मलिक, सुल्तान मलिक, माजिद हुसैन, यासीन अंसारी, मेजर सिंह, पम्मी, सुखदेव, मिथुन, अशोक खंडवानी, साबू सिंह, मनजीत सिंह, शैलेंद्र सिंह समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने किसानों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।