57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल में 40 वर्षों की गौरवशाली सेवा के उपरांत कमांडेंट मनोहर लाल को भावभीनी विदाई।
01 फ़रवरी, 2026
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सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) 57वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा, जब लगभग 40 वर्षों की विशिष्ट, अनुकरणीय एवं समर्पित सेवा के उपरांत कमांडेंट मनोहर लाल को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। वर्ष 1986 में सशस्त्र सीमा बल में प्रवेश करने वाले श्री मनोहर लाल ने अपने सेवाकाल के प्रारंभ से ही अनुशासन, कर्मठता एवं उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। वर्ष 1986 से 1993 तक सशस्त्र सीमा बल की केंद्रीय वॉलीबॉल टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने बल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, वहीं वर्ष 2014 में राष्ट्रपति विशेष सेवा पदक से सम्मानित होकर उन्होंने अपने उत्कृष्ट सेवाकाल की अमिट छाप छोड़ी। वर्ष 2023 में 57वीं वाहिनी में पदस्थापना के दौरान उनके सक्षम नेतृत्व में सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासनिक एवं प्रचालनात्मक गतिविधियों को नई गति मिली तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सीमा चौकियों के विकास, संचार व्यवस्था, सुरक्षा फेंसिंग और जवानों के कल्याण से जुड़े अनेक उल्लेखनीय कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए। वे सदैव बिना औपचारिकता के जवानों के बीच उपलब्ध रहे और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान किया। सेवानिवृत्ति के अवसर पर महानिदेशक महोदय की ओर से प्रेषित प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उन्हें विधिवत सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के समस्त अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कमांडेंट मनोहर लाल द्वारा स्थापित अनुशासन, कार्यसंस्कृति एवं नैतिक मूल्यों की विरासत 57वीं वाहिनी के प्रत्येक कार्मिक को आने वाले समय में भी निरंतर प्रेरणा देती रही है।