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बोर्ड परीक्षा में टॉप करने का मास्टर फॉर्मूला: योजनाबद्ध रिवीजन, अनुशासित समय प्रबंधन और तनावमुक्त तैयारी से मिलेगी बड़ी सफलता — डॉ. धीरज पाराशरी।

बोर्ड परीक्षा में टॉप करने का मास्टर फॉर्मूला: योजनाबद्ध रिवीजन, अनुशासित समय प्रबंधन और तनावमुक्त तैयारी से मिलेगी बड़ी सफलता — डॉ. धीरज पाराशरी।

बरेली/रुद्रपुर:(चरनसिंह सरारी) बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही रणनीति और अनुशासन भी उतना ही जरूरी है—यह विचार ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर एकेडमिक्स, सर्टिफाइड करियर काउंसलर एवं प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. धीरज पाराशरी ने विद्यार्थियों से साझा किए। उन्होंने कहा कि परीक्षा से पूर्व एनसीईआरटी पुस्तकों का बार-बार रिवीजन, पिछले 5 से 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का गहन अभ्यास और स्मार्ट टाइम मैनेजमेंट सफलता की मजबूत नींव रखते हैं। डॉ. पाराशरी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से 15–20 दिन पहले नया टॉपिक पढ़ने से बचते हुए केवल पढ़े हुए सिलेबस का दोहराव करना चाहिए और अंतिम समय में त्वरित रिवीजन के लिए स्वयं बनाए गए शॉर्ट नोट्स सबसे अधिक उपयोगी साबित होते हैं। टाइमर लगाकर सैंपल पेपर हल करने से न केवल प्रश्न पत्र के पैटर्न और कठिनाई स्तर की समझ विकसित होती है, बल्कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास और एकाग्रता भी बनी रहती है। परीक्षा कक्ष में प्रश्न पत्र मिलने के बाद पहले 15 मिनट उसे शांत मन से पढ़ना, तीन घंटे के समय को अलग-अलग भागों में सटीक रूप से विभाजित करना और जिन प्रश्नों में पकड़ मजबूत हो उन्हें पहले हल करना अंक बढ़ाने की कारगर रणनीति है। उन्होंने पूरी रात जागकर पढ़ने की आदत को स्वास्थ्य और परिणाम—दोनों के लिए हानिकारक बताते हुए कहा कि इससे थकान, तनाव और नींद की कमी होती है, जिसके कारण विद्यार्थी न तो प्रश्न पत्र ठीक से समझ पाते हैं और न ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। डॉ. पाराशरी ने विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने, ध्यान व योग करने, पर्याप्त पानी पीने, जंक फूड से परहेज करने और केस स्टडीज पर विशेष फोकस करने की सलाह दी, ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत रहकर पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें और बेहतर अंकों के साथ उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाये।

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