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इश्क, विश्वासघात और चोरी का सनसनीखेज खुलासा: बहू ने प्रेमी संग रचा लाखों की चोरी का खेल, 24 घंटे में सितारगंज पुलिस का बड़ा एक्शन।

इश्क, विश्वासघात और चोरी का सनसनीखेज खुलासा: बहू ने प्रेमी संग रचा लाखों की चोरी का खेल, 24 घंटे में सितारगंज पुलिस का बड़ा एक्शन।

सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) सितारगंज क्षेत्र के शक्तिफार्म में एक हैरान कर देने वाली चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर ऐसा चौंकाने वाला सच उजागर किया है, जिसने रिश्तों की नींव तक को झकझोर कर रख दिया। आजाद वार्ड शक्तिफार्म निवासी निशीकांत हालदार के घर में 6 अप्रैल 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब परिवार के साथ तारकनाथ मंदिर से लौटने पर घर का ताला खुला मिला और अलमारी में रखी करीब 1.20 लाख रुपये की नकदी व सोने-चांदी के जेवर गायब थे। सूचना मिलते ही कोतवाली सितारगंज पुलिस हरकत में आई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल सर्विलांस और गहन पड़ताल के जरिए इस हाई-प्रोफाइल चोरी की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच के दौरान जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया—घर की बहू अमिता हालदार ही इस चोरी की मास्टरमाइंड निकली, जिसने अपने प्रेमी सोमनाथ हालदार के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया।
पूछताछ में अमिता ने कबूल किया कि करीब 5 माह पहले फेसबुक के जरिए उसकी सोमनाथ से जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसी दौरान उसने घर की अलमारी में रखी नकदी और जेवरात की जानकारी प्रेमी को दी और जनवरी व फरवरी माह में दो बार एक-एक लाख रुपये चोरी कर उसे सौंप दिए। लालच और प्रेम के अंधेपन में डूबी अमिता यहीं नहीं रुकी, बल्कि 6 अप्रैल को उसने घर की पूरी नकदी और जेवरात एक साथ चुराकर सोमनाथ को दे दिए। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर 9 अप्रैल को सोमनाथ को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 4,98,900 रुपये नकद, पायल, चैन, कंगन, कुण्डल समेत बड़ी मात्रा में जेवरात बरामद किए, साथ ही चोरी के पैसों से खरीदी गई मोटरसाइकिल भी जब्त की। आरोपी ने खुलासा किया कि पहले मिले पैसों से उसने बाइक खरीदी और बाकी रकम अपने इलाज व अन्य खर्चों में खर्च कर दी।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरे खुलासे में उपनिरीक्षक ललित चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम—हेड कांस्टेबल हरीश राम, कांस्टेबल भूपाल सिंह बिष्ट और महिला कांस्टेबल ममता राणा—की अहम भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि विश्वास और रिश्तों के टूटने की एक ऐसी कहानी भी है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

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