तराई में चढ़ा तापमान का पारा, अप्रैल में ही 39°C पार; अगले दिनों में राहत के आसार नहीं
19 अप्रैल, 2026
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काशीपुर। (सतपाल सिंह सरारी) उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते एक सप्ताह के भीतर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शनिवार को पंतनगर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक स्तर है।
तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण दिन के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राहत की उम्मीद कम है और आने वाले दिनों में गर्मी का असर इसी तरह बना रह सकता है। हालांकि अभी लू चलने जैसी स्थिति नहीं बनी है।
पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो तराई क्षेत्र में गर्मी का यह स्तर असामान्य नहीं है, लेकिन चिंता बढ़ाने वाला जरूर है। वर्ष 2021 में 28 अप्रैल को तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जो इस अवधि का सर्वाधिक रिकॉर्ड रहा। बीते 10 वर्षों में सातवीं बार पारा 39 डिग्री के पार गया है, जो बढ़ती गर्मी के रुझान को दर्शाता है।
शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री ज्यादा है। इसके विपरीत, वर्ष 2020 में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रहा था, जिसे अपेक्षाकृत राहत भरा साल माना गया।
वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अब भी सुहावना बना हुआ है। मुक्तेश्वर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे इलाकों में अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। यहां न्यूनतम तापमान करीब 12 डिग्री रहने से सुबह और शाम हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। सुहावने मौसम के चलते पर्यटकों का रुझान भी पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है।