सितारगंज में किसानों और व्यापारियों का धान तुलाई को लेकर हुआ समझौता
सितारगंज:(सतपाल सरारी) पंजीकृत थोक व्यापारी व आढ़तियों के द्वारा धान की खरीद न किए जाने के बाद किसानों व आढ़तियों के बीच उपजे विवाद के बाद विधायक सौरभ बहुगुणा की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि रोजाना किसानों का 85 ट्राली धान तोला जायेगा। साथ ही उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किये गये मानकों के अनुरूप कटौती नहीं की जायेगी। इस पर किसान व आढ़ती सहमत तो हो गये। लेकिन सितारगंज की मंडी में दो सौ से ज्यादा ट्रॉलीया धान की प्रतिदिन आ रही है तो ऐसे में बाकी ट्रॉलियो का क्या होगा इसके बारे में कोई समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है । मंडी के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉलियो की रोड पर लंबी कतारें लगना शुरू हो गई हैं।आपको बता दे कि किसानों ने धान में बीस प्रतिशत तक की कटौती किये जाने व पेमेन्ट समय पर न देने का आरोप लगाते हुये सोमवार को अमरिया चौराहे पर जाम लगा दिया था। बाद में उप जिलाधिकारी तुषार सैनी मौके पर पहुंचे व किसानों से वार्ता की। एसडीएम से वार्ता में तय हुआ कि किसानों का धान मानको के अनुसार तोला जायेगा। इसके बाद जाम खोल दिया गया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आढ़तियों व राइस मिलर्स ने धान की खरीद नहीं की। बाद में विधायक सौरभ बहुगुणा ने दोनो पक्षों के साथ लंबी वार्ता की। इसके बाद भी हल नहीं निकला। मंगलवार को विधायक की मौजूदगी में दोनो पक्षों की फिर बैठक हुई। बैठक के बाद विधायक ने बताया कि दोनो पक्षों में विवाद चल रहा था। अब अधिकारियों की उपस्थिति में समन्वयक बैठक हुई। जिसमें सहमति बनी कि रोज 85 ट्रालियां रोज तोली जायेंगी। आज जो बचेंगी उनकी भी व्यवस्था की जायेगी। कच्चे आढ़ती रोजाना सुबह दस बजे से तौल शुरू करेंगे। आर०एफ०सी० के हरवीर सिंह ने कहा कि धान खरीद में विवाद का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया था। उन्होंने मामले के पटाक्षेप का निर्देश दिया था। उनका कहना था कि अब 70 की जगह 85 ट्रालियां रोज तोली जायेंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को राइस मिलों की जांच का अधिकार हैं। यदि गलत पाया गया तो राइस मिलर के खिलाफ कार्यवाही होगी। जो धान नहीं उतारेगा उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जायेगी। इस मौके पर एसडीएम तुषार सैनी, मंडी समिति अध्यक्ष अमरजीत कटवाल, किसान नेता गुरसाहब सिंह , नवतेज पाल सिह, गुरसेवक सिंह, साहब सिंह,रणधीर सिंह बल आदि सहित दर्जनों किसान मौजूद थे ।