दादा उत्तरप्रदेश के रहे मुख्यमंत्री, पिता बने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और अब पोता बना उत्तराखंड का कैबिनेट मंत्री।
23 मार्च, 2022
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देहरादून:(चरनसिंह सरारी) प्रदेश की राजनीति में बड़ा कद रखने वाले बहुगुणा परिवार को एक और उपलब्धि प्राप्त हुई है। सितारगंज से लगातार दूसरी बार जीते सोरभ बहुगुणा को प्रदेश का कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इससे पहले सितारगंज से जीतकर विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे।वर्ष 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को मुख्यमंत्री बनाया गया था। लेकिन वह विधानसभा के सदस्य नहीं थे। भाजपा के तत्कालीन विधायक किरण मंडल ने विजय बहुगुणा के लिए अपनी सीट छोड़ी थी। इसके बाद विजय बहुगुणा सितारगंज से चुनाव लड़े और विधायक चुने गए। बाद में वह भाजपा में चले गए। इसके बाद उन्होंने अपनी सीट बेटे सौरभ बहुगुणा के लिए छोड़ दी। सौरभ बहुगुणा 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधायक बने। सौरभ बहुगुणा के कैबिनेट मंत्री बनने के बाद सितारगंज वासियो के साथ ही राज्यवासियो ने भी बधाइयां दी हैं।राजनीति के इतिहास में बहुगुणा परिवार के सितारगंज आने के बाद क्षेत्र का मान सम्मान दूसरी बार बढ़ सका है। इससे पहले भी अन्य दलों के कई जनप्रतिनिधि भी चुने गए थे। लेकिन वर्ष 2012 में पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के सितारगंज में उप चुनाव लड़ने के बाद क्षेत्र का नाम अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर उभर कर आया था।
सितारगंज में खुशी की लहर:
सितारगंज:सितारगंज में भाजपाइयों ने आज होली और दीवाली एक साथ मनायी है, सौरभ बहुगुणा के कैबिनेट मंत्री बनने से क्षेत्र में खुशी छा गयी है।मुख्यमंत्री रहते विजय बहुगुणा ने क्षेत्रीय विकास को लेकर ऐतिहासिक घोषणाएं की। उसके बाद वर्ष 2022 में दूसरी बार पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के विधायक पुत्र सौरभ बहुगुणा को कैबिनेट मंत्री के पद से नवाजा गया है।सितारगंज क्षेत्र का मान सम्मान बढ़ने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। आपको स्मरण करा दें कि 1973 में सौरभ के दादा हेमवती नंदन बहुगुणा को यूपी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। लेकिन दो साल बाद 1975 में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। इस तरह बहुगुणा परिवार की तीन पीढ़ियों में अब तक दो मुख्यमंत्री और एक कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं।