मकान बनाने के लिए लाभार्थियों को अटके पैसे मिले चेहरे खिले, छह माह से नही आयी थी आवास योजना की क़िस्त, कच्चा घर तोड़कर बेघर, दुखी हो गये थे लाभार्थी।
24 मार्च, 2022
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सभासद रवि रस्तोगी ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के समक्ष रखी थी समस्या उन्होंने तत्काल कराया समाधान।
सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिये करीब छह माह अटकी किस्त रिलीज कर दी गयी है। लाभार्थी पैसे रुके होने के कारण कच्चे मकान का पक्का निर्माण नहीं करा पा रहे थे। सभासद रवि रस्तोगी ने किराए के मकानों में रहने को विवश लाभार्थियों की समस्या कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के समक्ष रखी। उन्होंने शहरी विकास मंत्रालय में जिम्मेदारों से संपर्क साध लाभार्थियों की समस्या का समाधान करा दिया है। जिसके बाद लाभार्थियों के चेहरे खिल गए हैं। इसके सभासद रवि रस्तोगी और लाभार्थियों ने कैबिनेट मंत्री का आभार जताया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित किए गए लाभार्थियों के खाते में करीब 6 माह से अचानक किस्त आना बंद हो गई। इससे पहले लाभार्थियों ने कच्चे मकानों को तोड़ कर आधे अधूरे निर्माण करा दिए थे। आधे अधूरे निर्माण होने के कारण लाभार्थी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हो गए थे। बताया जाता है कि कुछ लाभार्थियों की हालत ऐसी थी कि गरीबी के कारण किराया देने में भी उन्हें काफी आर्थिक हानि पहुंच रही थी। इस तरह के लगभग 21 लाभार्थी थे जिनकी किस्तें रुकी हुई थी। सभासद रवि रस्तोगी ने लाभार्थियों की समस्याओं को देखते हुए पूर्व में एसडीएम और नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी के समक्ष मांगपत्र दिया था। इसके बाद सभासद रवि रस्तोगी ने घर का सपना संजोए लाभार्थियों की समस्या को कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के दरबार में रखा। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने शहरी विकास मंत्रालय के अफसरों को समस्या से अवगत कराते हुए समाधान के निर्देश दिए। जिसके तत्काल बाद लाभार्थियों के खाते में करीब 6 माह से रुकी धनराशि की किस्त रिलीज कर दी गई है। रुकी किस्त रिलीज होने के बाद लाभार्थियों के चेहरे खिल गए हैं। लाभार्थियों और सभासद रवि रस्तोगी ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा का आभार जताया है।
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लाभार्थी किशनपाल के पास मकान का किराया देने के नही होते थे पैसे।
सितारगंज:प्रधानमंत्री आवास योजना में सरकारी मकान आने के बाद लाभार्थी किशन पाल ने कच्चा मकान तूड़वा दिया था। नए मकान की आस में टुकटुक चलाने वाला किशनपाल किराए के घर में चला गया। मकान का कुछ निर्माण होने के बाद अचानक चयनित मकान की किस्त रुक गई। इस कारण किशनपाल आर्थिक रूप से परेशान हो गया। उसके पास मकान का किराया देने के लिए पैसे भी नहीं होते थे।