राधा कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में 21 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का भव्य समापन, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का सूत्र।
21 सितंबर, 2025
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सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) राधा कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में बीते 21 दिनों से चल रहे उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन रविवार को गरिमामयी माहौल में हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि उत्तराखंड बाल आयोग सदस्य श्रीमती सुमन राय, विशिष्ट अतिथि जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक मोहित खर्कवाल, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती जया जोशी, वार्ड सभासद चंदन श्रीवास्तव एवं भाजपा मंडल से श्रीमती गीता गरकोटी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस दौरान मोहित खर्कवाल ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत प्रदेश में उपलब्ध अवसरों और योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। संस्था प्रबंधक डॉ. रेखा ने बताया कि उनकी संस्था का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक 50,000 बालिकाओं व महिलाओं को कौशल एवं उद्यमिता प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे उद्योग करने वाले व्यवसायियों के लिए संस्था निशुल्क Z सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएगी, जिससे उनके उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी और उन्हें बाज़ार में आसानी से पहचान मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें व्यवसाय शुरू करने व उसे सफलतापूर्वक संचालित करने की दिशा दिखाई है। खास बात यह रही कि प्रमाणपत्र पाते ही कई महिला प्रतिभागियों जैसे सोनम कौर (ब्यूटीफुल कौर मेकओवर), मनीषा बोरा (मनीषा मेकओवर), कमला (पंजाबी निवास बुटीक), रीना (आराध्या ब्यूटी पार्लर) ने अपना काम शुरू भी कर दिया है, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। कार्यक्रम में वार्ड सभासद सतीश उपाध्याय ने महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने हेतु डॉ. रेखा से अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की अपील की और नगर पालिका से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। वहीं, वार्ड सभासद चंदन श्रीवास्तव ने छोटे व्यवसायों के लिए नगर पालिका से लोन सुविधा के बारे में बताया। कीर्तिज्ञा ब्यूटी मार्ट की संचालिका पिंकी गोयल ने ब्यूटी पार्लर उद्योग से जुड़ी तकनीकी जानकारियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रबंधक डॉ. रेखा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। यह समापन समारोह न केवल महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों और स्वरोजगार को नई दिशा देने वाला आयोजन भी बन गया।