-->

search ad

पुलिस स्मृति दिवस पर 57वीं वाहिनी एसएसबी सितारगंज में शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, शौर्य और समर्पण की मिसाल बने ये क्षण।

पुलिस स्मृति दिवस पर 57वीं वाहिनी एसएसबी सितारगंज में शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, शौर्य और समर्पण की मिसाल बने ये क्षण।

सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सितारगंज परिसर में सोमवार को एक गरिमामय श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कमांडेंट  मनोहर लाल ने शहीद पुलिसकर्मियों की अमर गाथा को नमन करते हुए कहा कि 21 अक्टूबर का दिन हमारे लिए केवल एक तिथि नहीं, बल्कि कर्तव्य, साहस और बलिदान का प्रतीक है। यह वही दिन है जब वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 वीर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके बलिदान को सदैव स्मरणीय बनाने के लिए ही प्रत्येक वर्ष पुलिस स्मृति दिवस पूरे देशभर में मनाया जाता है।कमांडेंट मनोहर लाल ने कहा कि यह दिवस हमें न केवल अपने वीर शहीदों को याद करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि यह आत्मचिंतन और प्रेरणा का क्षण भी है कि हम उनकी विरासत को कैसे आगे बढ़ाएँ। उन्होंने जवानों से कहा कि पुलिस बल की सच्ची शक्ति अनुशासन, निष्ठा और जनता के प्रति सेवा भाव में निहित है। हमें शहीद साथियों की भावना को जीवित रखते हुए समाज में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान से हमें यह सीख मिलती है कि कर्तव्य की राह में आने वाली हर चुनौती को दृढ़ संकल्प और साहस से पार किया जा सकता है। कमांडेंट ने बल के अधिकारियों और जवानों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और दक्षता के साथ करें तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास की डोर को और अधिक मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।इस अवसर पर उप कमांडेंट श्री दीपक सिंह जायाड़ा, उप निरीक्षक अमित कुमार, सहायक उप निरीक्षक हीरा सिंह, राजू कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी नरेन्द्र राम सहित समस्त अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा परिसर “अमर शहीद अमर रहें” के जयघोष से गूंज उठा।

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन