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केंद्रीय कारागार सितारगंज से फरार कैदी पांच घंटे में गिरफ्तार, जेल प्रशासन में हड़कंप — पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा सुरक्षा संकट, जांच के आदेश।

केंद्रीय कारागार सितारगंज से फरार कैदी पांच घंटे में गिरफ्तार, जेल प्रशासन में हड़कंप — पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा सुरक्षा संकट, जांच के आदेश।

सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) संपूर्णानंद शिविर स्थित केंद्रीय कारागार सितारगंज में मंगलवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया जब एक दोषसिद्ध कैदी फरार हो गया। अचानक हुई इस घटना से जेल प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। फरार कैदी को पकड़ने के लिए जेल प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन सर्च अभियान छेड़ दिया। पांच घंटे की अथक कोशिशों के बाद पुलिस टीम ने कैदी को लालरखास क्षेत्र से दबोच लिया।जानकारी के अनुसार बिजनौर (उत्तर प्रदेश) निवासी दोषसिद्ध बंदी पवन सैनी पुत्र तीरथ सैनी मंगलवार सुबह रोजाना की तरह हाजिरी के समय उपस्थित नहीं हुआ। जब जेल कर्मियों ने खुली जेल में स्थित उसकी झोपड़ी की तलाशी ली, तो वह वहां नहीं मिला। इस पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद कोतवाली पुलिस, एसओजी और जेल सुरक्षा कर्मियों की संयुक्त टीम ने आसपास के जंगल, खेतों और बस्तियों में सर्च अभियान शुरू कर दिया। पुलिस ने संदिग्ध मार्गों पर चौकसी बढ़ाते हुए इलाके की नाकेबंदी की।करीब पांच घंटे की लगातार कांबिंग और रणनीतिक खोजबीन के बाद टीम ने फरार कैदी को जेल से करीब एक किलोमीटर दूर लालरखास क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे दोबारा जेल लाया गया, जहां अधिकारियों ने उससे प्रारंभिक पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि वह मौका पाकर खुले हिस्से से भाग निकला था।घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी भी जेल परिसर पहुंच गए और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। फरार कैदी के दोबारा पकड़े जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। सूत्रों के अनुसार जेल प्रशासन ने अब अंदरूनी जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैदी किस तरह से फरार होने में सफल हुआ।सीओ बीएस धौनी ने बताया कि पुलिस और जेल प्रशासन की टीम ने मुस्तैदी से काम करते हुए पांच घंटे में ही कैदी को पकड़ लिया, जिससे बड़ी सुरक्षा चूक टल गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई भी संभव है।फरार कैदी की गिरफ्तारी के बाद भले ही प्रशासन ने राहत की सांस ली हो, लेकिन इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

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