श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर श्रद्धा का महासैलाब, मैनाझुंडी से निकला ऐतिहासिक व भव्य नगर कीर्तन।
03 जनवरी, 2026
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सितारगंज :(चरनसिंह सरारी) सिक्खों के दसवें पातशाह दशम पिता गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव के पावन अवसर पर गुरुद्वारा सिंह सभा मैनाझुंडी से शुक्रवार को ऐतिहासिक, भव्य और अत्यंत श्रद्धामय नगर कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा क्षेत्र धर्ममय हो उठा। “आओ नगर कीर्तन दे दर्शन पाइए… जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। गुरुद्वारा में विधिवत अरदास के उपरांत नगर कीर्तन का शुभारंभ हुआ, जबकि इससे पूर्व बुधवार को श्री अखण्ड पाठ साहिब के भोग बड़े श्रद्धा भाव से संपन्न कराये गये। पंच प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन में गुरुग्रंथ साहिब को सुसज्जित पालकी साहिब में विराजमान कर छत्रछाया प्रदान की गई, संगत द्वारा पुष्प वर्षा कर उनका भावपूर्ण स्वागत किया गया और सुख, शांति व समृद्धि की कामना के साथ मत्था टेका गया। नगर कीर्तन ग्राम सरकड़ा, बिलहरा व बालपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और यूपी के हिस्सों से होते हुए पुनः गुरुद्वारा मैनाझुंडी पहुंचा। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व पैदल चल रही संगत लगातार सतनाम वाहे गुरु का जाप करती रही, वहीं महिलाएं विशेष रूप से पालकी के आगे झाड़ू लगाकर मार्ग साफ कर सेवा में सहभागी बनीं, जो सिख परंपरा की अनुपम मिसाल रहा। नगर कीर्तन मार्गों पर अनुशासन, शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस अवसर पर पूर्व ग्राम प्रधान अमरीक सिंह,पूर्व ग्राम प्रधान दर्शन सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान बलराज सिंह, लखविंदर सिंह, प्रकाश सिंह, प्यारा सिंह, अंग्रेज सिंह, सतनाम सिंह, नक्षत्र सिंह, नाजर सिंह, कुलदीप सिंह सहित अनेक सैकड़ों गणमान्य व भारी संख्या में संगत उपस्थित रही। कार्यक्रम के समापन पर गुरुद्वारा मैनाझुंडी में विशाल गुरु का लंगर आयोजित किया गया, जहां संगत ने प्रेम, सेवा और समानता के भाव के साथ प्रसाद व गुरु का लंगर ग्रहण किया गया।