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नानकमत्ता–सितारगंज में मिट्टी माफियाओं का साम्राज्य, रात के अंधेरे में कानून बेबस, लाखों के राजस्व पर डाका।

नानकमत्ता–सितारगंज में मिट्टी माफियाओं का साम्राज्य, रात के अंधेरे में कानून बेबस, लाखों के राजस्व पर डाका।

नानकमत्ता/सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) नानकमत्ता और सितारगंज क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का काला कारोबार इस कदर हावी हो चुका है कि रात ढलते ही मिट्टी माफियाओं का पूरा नेटवर्क सक्रिय हो जाता है और ट्रैक्टर-ट्रालियों व भारी डंपरों के जरिए खुलेआम मिट्टी की लूट शुरू हो जाती है, निर्माणाधीन प्लॉटों में बिना किसी अनुमति के अवैध मिट्टी डाली जा रही है और आरोप है कि राजस्व विभाग व पुलिस की मिलीभगत और संरक्षण के चलते यह अवैध खेल बेखौफ जारी है, प्रशासन की रात में सुस्ती और निगरानी की कमी माफियाओं के हौसले बुलंद कर रही है, जिसके चलते केथूलिया, ध्यानपुर, नगला, सुनखरी, दहला, अटुआ, खेमपुर, देवकली, ठेरा, डियोढी, मटिया समेत अनेक ग्रामीण इलाके मिट्टी माफियाओं के मजबूत गढ़ बन चुके हैं, जहां हर रात सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, सूत्र बताते हैं कि कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की शह पर यह पूरा संगठित नेटवर्क चल रहा है, जिससे अवैध खनन करने वाले आसानी से कार्रवाई से बच निकलते हैं, वहीं शक्तिफार्म क्षेत्र में भी अवैध मिट्टी खनन का खेल चरम पर है और सुखी नदी, निर्मल नगर, बीसक्वाटर, अरविन्दनगर, बसघर, तिलियरपुर जैसे इलाकों में रात होते ही मिट्टी ढोने वाले वाहन सड़कों पर दौड़ने लगते हैं और प्रशासन को खुली चुनौती देते नजर आते हैं, हालात यह हैं कि राजस्व विभाग मिट्टी माफियाओं के आगे बेबस दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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