लौका–गोठा की ऐतिहासिक जीत: दो वर्षों के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, हफ्ते में दो दिन डॉक्टर, नियमित पुलिसिंग व अपराध पर सख्ती, धरना स्थगित।
04 जनवरी, 2026
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सितारगंज : (चरनसिंह सरारी) जंगलों, नदी–नालों और बदहाल सड़कों के बीच बसे अनुसूचित जाति बाहुल्य लौका–गोठा क्षेत्र के ग्रामीणों का दो वर्षों से जारी संघर्ष आखिरकार रंग लाया।भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अपराध नियंत्रण की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को प्रशासन के साथ हुई निर्णायक वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया। उप-जिलाधिकारी सितारगंज के साथ हुई बैठक में सप्ताह में दो दिन ग्राम गोठा में डॉक्टरों सहित मेडिकल टीम भेजकर इलाज व स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा पुलिस चौकी की मांग के मद्देनजर क्षेत्र में नियमित पुलिसिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी। सितारगंज तहसीलदार हिमांशु जोशी द्वारा जारी आदेश में प्रभारी चिकित्साधिकारी सितारगंज को सप्ताह में दो दिन चिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित करने और थाना पुलिस को कच्ची शराब, स्मैक, चरस व अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं।आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन माह के भीतर इन मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे फिर से उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।इस मौके पर सुमित प्रसाद, मुरारी प्रसाद, विजय, श्याम सुंदर, मनोहर, संदीप कुमार, बंटी कुमार, मुरारी प्रसाद, धर्मदेव, राजा गौतम, देवशरण, हीरालाल,विशाल आदि मौजूद रहे।