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देशभर में साइबर ठगी का जाल: सितारगंज में फर्जी ट्रेडिंग फर्म के नाम खुले म्यूल खाते से 22 राज्यों के लोगों से लाखों की धोखाधड़ी, बड़ा गिरोह बेनकाब।

देशभर में साइबर ठगी का जाल: सितारगंज में फर्जी ट्रेडिंग फर्म के नाम खुले म्यूल खाते से 22 राज्यों के लोगों से लाखों की धोखाधड़ी, बड़ा गिरोह बेनकाब।

सितारगंज: (चरनसिंह सरारी) साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली सितारगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गृह मंत्रालय भारत सरकार की नोडल एजेंसी I4C (14C) के समन्वय पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर की गई जांच में एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे “जोशान ट्रेडिंग कम्पनी” के नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सितारगंज शाखा में म्यूल बैंक खाता खुलवाकर देश के विभिन्न राज्यों में बैठे लोगों को अपने जाल में फंसाया। जांच में सामने आया कि इस खाते में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित 22 अलग-अलग मामलों में साइबर फ्रॉड की रकम जमा कराई गई। ठगी की कुल राशि लाखों रुपये में रही, जिसमें से बड़ी रकम एटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से निकाल ली गई, जबकि शेष धनराशि बैंक द्वारा होल्ड पर डाली गई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में फर्जी खाता खुलवाया और साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में सक्रिय भूमिका निभाई। फर्म के वास्तविक मालिक ने खाते से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया, जिसके बाद मामला और भी गंभीर हो गया। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह योजनाबद्ध तरीके से लोगों को विश्वास में लेकर धन का लालच देता था और साइबर ठगी की रकम को म्यूल खातों के जरिए ठिकाने लगाता था। जिसमे नानकमत्ता व सितारगंज क्षेत्र के कुछ युवकों का नाम सामने आया है।पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है और पूरे नेटवर्क की गहन विवेचना शुरू कर दी गई है।

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