-->

search ad

भारत में बढ़ते अपराध के खिलाफ गरीब शक्ति दल का ऐलान, एसआईटी की मांग और ‘एक देश–एक वैवाहिक केंद्र’ योजना लागू करने की उठी जोरदार आवाज।

भारत में बढ़ते अपराध के खिलाफ गरीब शक्ति दल का ऐलान, एसआईटी की मांग और ‘एक देश–एक वैवाहिक केंद्र’ योजना लागू करने की उठी जोरदार आवाज।

बरेली(यूपी):(चरनसिंह सरारी) भारत में अपराध चरम सीमा पर पहुंचने का आरोप लगाते हुए गरीब शक्ति दल के पदाधिकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसीएम बरेली को सौंपा और बुलंद नारे लगाते हुए न्यायिक स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि देश में अपराध बढ़ने का एक बड़ा कारण अशिक्षा और बेरोजगारी के साथ-साथ युवाओं व दंपत्तियों के बीच बढ़ते एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हैं, जिनके दुष्परिणामस्वरूप लाखों निर्दोष पुरुष और उनके पूरे-पूरे परिवार झूठे मुकदमों में जेलों की सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं। संगठन के पूर्व पदाधिकारी मनोज विकट ने दावा किया कि वर्ष 2025 तक देशभर के फैमिली कोर्ट में 12 लाख से अधिक घरेलू विवाद लंबित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश की 179 अदालतों में 4 लाख से ज्यादा महिला घरेलू हिंसा के मामले दर्ज हैं। उन्होंने लिव-इन रिलेशन कानून को भी विवादों की वजह बताते हुए कहा कि इससे प्रेम प्रसंगों को बढ़ावा मिला है और पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव, आत्महत्याएं व हृदयाघात जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। संगठन ने बरेली के ग्राम करेली सहित कई मामलों का हवाला देते हुए झूठे मुकदमों के आरोप लगाए और कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार को कमजोर किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि विवाह से पूर्व कम से कम दो माह का अनिवार्य तालमेल, आचार-विचार व वित्तीय चर्चा का प्रावधान किया जाए, स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 का सख्ती से अनुपालन हो और देशभर में ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सरकारी ‘स्पेशल वैवाहिक केंद्र’ खोले जाएं। साथ ही वर्ष 2026 से “एक देश–एक वैवाहिक केंद्र” योजना लागू करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में मनोज विकट, रंजीत सिंह, संजीव सागर, संजय सक्सेना, गिरिश चंद्र सक्सेना, मोहम्मद नासिर, जगदीश सागर, रेनू जौहरी समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन