प्राचीन होली से “होली क्रिमिनल एक्शन” तक!’—शराब, जहरीले रंग और हुड़दंग पर सख्त कानून की मांग; राष्ट्रपति के नाम बरेली में सौंपा ज्ञापन।
20 फ़रवरी, 2026
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बरेली(यूपी):(चरनसिंह सरारी) बरेली में आज गरीब शक्ति दल ने देश में बढ़ते अपराधों और त्योहारों के दौरान फैलती अराजकता को लेकर बड़ा सवाल उठाते हुए भारत के राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन प्रमुख मनोज विकट ने कहा कि वैदिक काल से चली आ रही होली, जो हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद की कथा के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है तथा राधा-कृष्ण के प्रेम और उल्लास का प्रतीक मानी जाती रही है, आज अपने मूल स्वरूप से भटककर “होली क्रिमिनल एक्शन” का रूप लेती जा रही है। संगठन का आरोप है कि त्योहार के नाम पर बेलगाम शराबखोरी, जहरीले व घातक केमिकल रंगों का प्रयोग, जल स्रोतों का प्रदूषण, जबरन रंग पोतना, कीचड़ व गोबर फेंकना, तेज आवाज में डीजे बजाकर हुड़दंग करना तथा महिलाओं के साथ अभद्रता और दुष्कर्म जैसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि त्वचा रोग, आंखों में जलन, एलर्जी, अस्थमा और पर्यावरण प्रदूषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों—विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों—के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि होली पर शराब की खुली बिक्री और सेवन पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाए, हानिकारक रासायनिक रंगों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाए तथा जल संरक्षण के लिए सख्त दिशा-निर्देश बनाए जाएं। इसके साथ ही वर्ष 2026 से देश के सभी जिलों में दीपावली से पूर्व रामलीला की तर्ज पर होली से पहले हिरण्यकश्यप-प्रह्लाद लीला का मंचन अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि नई पीढ़ी को त्योहार का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व समझाया जा सके। संगठन ने यह भी कहा कि देश में झूठे मुकदमों और बदले की भावना से दर्ज मामलों पर रोक के लिए पुलिस से पृथक न्यायिक स्तर की विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की जानी चाहिए, जिससे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज विकट, गिरीश चंद्र सक्सेना, संजय सक्सेना एडवोकेट, गगन जैन, संजीव सागर, जगदीश सागर और रेनू जोहरी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।