मुख्यमंत्री दरबार पहुंचा जिला पंचायत सदस्य संगठन, अगले सप्ताह होगी हाईलेवल वार्ता; पंचायत प्रतिनिधियों की आवाज अब सीधे सरकार तक।
15 मई, 2026
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देहरादून:(चरनसिंह सरारी) प्रदेश के 13 जनपदों के जिला पंचायत सदस्यों द्वारा गठित प्रदेश जिला पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखण्ड ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर अपनी ताकत और एकजुटता का बड़ा संदेश दिया। प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल एडवोकेट के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं, अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर विस्तृत वार्ता हेतु समय मांगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वर्तमान सप्ताह में सरकारी व्यस्तताओं के कारण बैठक संभव नहीं हो पाएगी, लेकिन अगले सप्ताह संगठन को आधिकारिक रूप से समय देकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद संगठन पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। संगठन ने कहा कि प्रदेशभर के जिला पंचायत सदस्य लंबे समय से विकास कार्यों में प्रशासनिक अड़चनों, सीमित अधिकारों और कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनके समाधान के लिए अब प्रदेश स्तर पर निर्णायक पहल की आवश्यकता है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त अधिकार और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। संगठन ने साफ किया कि आगामी बैठक में पंचायतों को अधिक अधिकार देने, विकास योजनाओं में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने, वित्तीय शक्तियां मजबूत करने तथा जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के स्थायी समाधान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल ने कहा कि संगठन प्रदेशभर के जिला पंचायत सदस्यों की आवाज बनकर मजबूती से कार्य कर रहा है और पंचायत हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश संयोजक जोत सिंह रावत, प्रदेश सचिव अंजली जोशी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुलाकात को पंचायत प्रतिनिधियों की बड़ी राजनीतिक सक्रियता और आने वाले समय में बड़े आंदोलन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।