बाजपुर महाविद्यालय के वार्षिक समारोह में संस्कृति, सम्मान और विकास का संगम, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बोले— “युवा ही उत्तराखंड का भविष्य”।
14 मई, 2026
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बाजपुर:(चरनसिंह सरारी) राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाजपुर में गुरुवार को आयोजित छात्रसंघ एवं वार्षिक समारोह सांस्कृतिक रंगों, छात्र प्रतिभाओं और सम्मान समारोह के चलते पूरे दिन आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद महाविद्यालय परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा। समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. विभेष कुमार सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने शिरकत कर विद्यार्थियों को शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है तथा विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। विशिष्ट अतिथि हरेंद्र सिंह लाडी एवं जोरावर सिंह भुल्लर की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह में छात्र-छात्राओं ने कुमाऊंनी, पंजाबी और गुजराती संस्कृति से जुड़े रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। बुक्सा नृत्य, ‘बेड़ू पाको’, ‘चैत की चेतवाल’, पहाड़ी गीतों, पंजाबी डांस और गुजराती गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया, वहीं इतिहास विभाग द्वारा भारत की वीरांगनाओं और गौरवशाली महिला चरित्रों पर आधारित प्रस्तुति ने खूब सराहना बटोरी। इस अवसर पर महाविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक डॉ. दर्शन सिंह काम्बोज, उत्कृष्ट कर्मचारी श्रीमती शकुन्तला देवी, पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों, एनएसएस, एनसीसी, युवा संसद, खेलकूद एवं यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं सहित शैक्षिक उपलब्धियां हासिल करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया गया। छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह बोरा ने महाविद्यालय में आधुनिक पुस्तकालय तथा अर्थशास्त्र, गृहविज्ञान, शिक्षाशास्त्र और भूगोल जैसे महत्वपूर्ण विषयों की व्यवस्था की मांग रखते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन मिलना समय की जरूरत है। इस पर यशपाल आर्य ने कॉलेज के सर्वांगीण विकास हेतु हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम की भव्यता बढ़ाने में वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. मनुहार आर्य एवं डॉ. जया कांडपाल की विशेष भूमिका रही, जबकि संचालन डॉ. अनिल कुमार सैनी, डॉ. संगीता, नीलम मनोला एवं डॉ. दर्शन सिंह काम्बोज ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में छात्रसंघ पदाधिकारियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।