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नामांकन निरस्तीकरण पर नानकमत्ता में फूटा जनाक्रोश: आठवें दिन भी सैकड़ों समर्थकों संग धरने पर डटे वजिन्दर सिंह मोमी, कांग्रेस विधायकों ने प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी।

नामांकन निरस्तीकरण पर नानकमत्ता में फूटा जनाक्रोश: आठवें दिन भी सैकड़ों समर्थकों संग धरने पर डटे वजिन्दर सिंह मोमी, कांग्रेस विधायकों ने प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी।

नानकमत्ता:(चरनसिंह सरारी) ग्रामसभा सरौजा से ग्राम प्रधान चुनाव में नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में उप तहसील नानकमत्ता परिसर में चल रहा वजिन्दर सिंह मोमी का अनिश्चितकालीन धरना अब उग्र जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। वन विभाग की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण दर्शाकर चुनावी मैदान से बाहर किए जाने के विरोध में वजिन्दर सिंह मोमी लगातार आठवें दिन भी अपने सैकड़ों समर्थकों और ग्रामीणों के साथ धरने पर डटे रहे, जिससे तहसील परिसर पूरे दिन राजनीतिक हलचल और भारी भीड़ का केंद्र बना रहा। धरना स्थल पर पहुंचे किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव में एक पक्षीय कार्रवाई कर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित को जल्द न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस सड़क से लेकर तहसील, जिला और प्रदेश स्तर तक बड़ा जनआंदोलन छेड़ेगी तथा 2027 के बाद सत्ता परिवर्तन होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। वहीं नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने भी प्रशासनिक कार्रवाई को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि बिना निष्पक्ष जांच और सही पैमाइश के वजिन्दर सिंह मोमी को अतिक्रमणकारी घोषित कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, जबकि संबंधित भूमि पर वर्षों से कई अन्य लोगों द्वारा खेती की जा रही है। उन्होंने खसरा संख्या 672/1 व 673/4 की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने, संयुक्त टीम गठित कर दोबारा पैमाइश कराने तथा पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
धरने पर बैठे वजिन्दर सिंह मोमी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत कुछ लोगों के झूठे बयान दर्ज कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनका पक्ष गंभीरता से नहीं सुना गया। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई पैमाइश और वर्तमान रिपोर्ट में भारी अंतर है, जिससे पूरी कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे विशाल जनआंदोलन में बदल दिया जाएगा। धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ने से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप का माहौल बना रहा। इस दौरान अशोक सिंह राणा, हरिओम राणा, सुरेन्द्र सिंह करनावल, विद्या राय, निर्मल सिंह, सतनाम सिंह, सुच्चा सिंह,दर्शन सिंह, जंगीर सिंह,अनिल राणा,प्रवेश सिंह, सुखविन्दर सिंह मोमी, राम सिंह, कृपाल सिंह, मंगत सिंह, फोजा सिंह, बलवंत सिंह, कुलदीप सिंह कटवाल,रेशम सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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