24 घंटे में पुलिस का 'ऑपरेशन हिट बैक': लूट और कुकर्म का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस पर फायरिंग के बाद पैर में लगी गोली।
07 अगस्त, 2026
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नानकमत्ता/उधमसिंहनगर:(चरनसिंह सरारी) ऊधमसिंहनगर पुलिस ने लूट, मारपीट और युवक के साथ अप्राकृतिक कुकर्म के सनसनीखेज मामले में महज 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी के पैर में जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, लूटी गई नकदी तथा बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई है। घटना के त्वरित खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी को ऊधमसिंहनगर पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध तथा क्षेत्राधिकारी खटीमा के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने लगातार दबिश और घेराबंदी कर आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस के अनुसार 5 अगस्त को डैम क्षेत्र निवासी एक युवक के साथ गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने अपने साथियों दीपक सिंह और मनोज भाटिया के साथ मिलकर पहले बेरहमी से मारपीट की, फिर उसका पर्स और नकदी लूट ली तथा उसे निर्वस्त्र कर उसके साथ अप्राकृतिक कुकर्म किया। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। गुरुवार देर रात पुलिस को मुख्य आरोपी की लोकेशन मिलने पर घेराबंदी की गई। पुलिस टीम को सामने देखकर आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अवैध तमंचे से फायरिंग कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध तमंचा, कारतूस, लूटी गई नकदी और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि इस सनसनीखेज वारदात में शामिल फरार आरोपी दीपक सिंह और मनोज भाटिया की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस सफल कार्रवाई में कोतवाल संजय पाठक, उपनिरीक्षक राजेंद्र पंत, उपनिरीक्षक मनोज जोशी, हेड कांस्टेबल रघुनाथ गोस्वामी, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, कांस्टेबल मोहम्मद इमरान, कांस्टेबल नवीन जोशी तथा चालक नरेंद्र बोरा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर पुलिस ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है कि कानून से बच निकलना अब आसान नहीं होगा।