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गेमिंग ऐप की आड़ में साइबर ठगी की रकम खपाने वाला गिरोह पुलिस के रडार पर, 14 एटीएम कार्ड समेत आरोपी दबोचा।

गेमिंग ऐप की आड़ में साइबर ठगी की रकम खपाने वाला गिरोह पुलिस के रडार पर, 14 एटीएम कार्ड समेत आरोपी दबोचा।

खाते फ्रीज होने के बावजूद खुलवाता रहा नए खाते, दूसरे लोगों को 5 से 10 हजार रुपये का लालच देकर लेता था एटीएम-डेबिट कार्ड।
सितारगंज/उधमसिंहनगर:(चरनसिंह सरारी) एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली सितारगंज पुलिस ने साइबर फ्रॉड की धनराशि को ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से संचालित करने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नहरपार पुलिया के पास से प्रतापपुर नंबर-04, थाना नानकमत्ता निवासी राजू सिंह पुत्र खुशाल सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 14 एटीएम/डेबिट कार्ड, एक पहचान पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आरसी और वीवो मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों के साथ-साथ अन्य लोगों के बैंक खाते और एटीएम कार्ड भी इस्तेमाल कर रहा था। आरोपी कथित तौर पर लोगों को पांच से दस हजार रुपये का लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम/डेबिट कार्ड अपने कब्जे में लेता था और फिर इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से साइबर फ्रॉड की धनराशि प्राप्त करने और निकालने में किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को इस बात की जानकारी थी कि संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन के चलते उसके बैंक खाते लगातार सीज अथवा फ्रीज हो रहे हैं, इसके बावजूद वह एक के बाद एक नए बैंक खाते खुलवाता रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में Spro Deal नामक ऑनलाइन गेम खेलने तथा अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की है। जांच के दौरान आरोपी के नाम से करीब 15 बैंक खातों तथा उसकी पत्नी के नाम से भी कई बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। पूछताछ में आरोपी ने सिंह कॉलोनी सितारगंज निवासी सुखदेव सिंह, अरुण रस्तोगी और पंकज रस्तोगी से कथित रूप से 10-10 हजार रुपये प्रति कार्ड के हिसाब से एटीएम कार्ड लेने की जानकारी दी है। पुलिस अब इन व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और विवेचना में साक्ष्य सामने आने पर उनके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा संख्या 444/2026, धारा 318(4)/112/61 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया है तथा आरोपी के विरुद्ध धारा 35(3) बीएनएसएस के तहत नोटिस की कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि X-Wallet, Sparrow (स्पैरो), Aviator (एविटर), In Coin, Teen Patti, Cedar Pay, Top Pay, One Pay, Super Pay सहित अन्य ऑनलाइन गेमिंग/बेटिंग ऐप के माध्यम से साइबर फ्रॉड से जुड़ी धनराशि का संचालन किया जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति जानकारी होने के बावजूद महज कुछ हजार रुपये के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक अथवा एटीएम/डेबिट कार्ड दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराता है और उसके खाते में साइबर अपराध से जुड़ी धनराशि का लेन-देन पाया जाता है, तो उसकी भूमिका के आधार पर उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, चेकबुक अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति को न दें। साइबर अपराधियों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराना स्वयं व्यक्ति को भी कानूनी शिकंजे में पहुंचा सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक जावेद मलिक, अपर उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह दानू, हेड कांस्टेबल जगदीश कोठियाल, हेड कांस्टेबल मतलूब खान, कांस्टेबल प्रेम कनवाल और कांस्टेबल कृष्णा चंद्र शामिल रहे। पुलिस ने आमजन को संदेश दिया है कि साइबर फ्रॉड की रकम से दूरी बनाए रखें—अपना खाता, पासबुक और एटीएम कार्ड किसी को न दें, क्योंकि आपका बैंक खाता आपकी जिम्मेदारी है।

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