जिले में बारिश से 4710 करोड़ हुए स्वाहा
रुद्रपुर : भारी बरसात ने तराई में ऐसी तबाही मचाई कि उधम सिंह नगर में करीब 47.10 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है । जिसमें सड़कें, पुलिया, जल संस्थान के पाइपलाइन, बिजली, भवन व स्कूल, अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए हैं । साथ ही किसानों की फसलों का भी नुकसान हुआ है । सूबे में 75 सड़कें क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही ठप हो गई है । हालांकि पांच सड़को को बुधवार देर शाम तक खोल दिया गया । मिली जानकारी अनुसार सूबे में तीन लोगों की डूबकर मौत हो गई । और घरों में हुए आंशिक नुकसान की जानकारी के लिए पटवारी आकलन करने में जुटे गए है ।
पिछले दो दिन हुई लगातार बारिश से पूरा जिला जलमग्न हो गया था । रुद्रपुर में कल्याणी व्यू नदी के किनारे बसी जगतपुरा, रवींद्र नगर, भदईपुरा, संजय नगर, खेड़ा, रम्पुरा जलमग्न हो गया था । जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंट्रोल रुम के मुताबिक तकरीबन 2110 लाख रुपये की सड़कें, ब्रिज व पुलिया, 30 लाख रुपये का जल संस्थान की पाइपलाइनें, 305 लाख रुपये की बिजली के पोल, तार, 715 लाख रुपये के सार्वजनिक व स्कूल भवन, अस्पताल व सामुदायिक भवन क्षतिग्रस्त हुए है । 1550 लाख रुपये फसल व अन्य आधारभूत आदि नुकसान हुए है । काशीपुर में 10, रुद्रपुर में 25 व खटीमा में 40 सड़कें क्षतिग्रस्त होने की वजह से रास्ते बंद हो गए थे । इनमें पांच दिनेशपुर, गदरपुर, मटकोटा कालीनगर की पुलिया, बलराम व तेजाफौजा की पुलिया, जाफरपुर दिनेशपुर तक 150 मीटर सड़क, किच्छा दरऊ से बालाजी स्वीट्स तक दो सौ मीटर सड़क और सरदार नगर बलाखेड़ा से जगलात चौकी तक की 125 मीटर सड़क बह गई थी, जो बुधवार देर शाम तक खुल गई । इसके अलावा रवींद्र नगर की एक पुलिया पूरी तरह व एक पुलिया आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है । आपदा से प्रभावित 5874 लोगों को राहत केंद्रों में रखा गया है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने व सड़कें बंद होने से लोगों को आने जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रह है । इसके अलावा बाजपुर के हुलसनगंज निवासी 45 वर्षीय रामदत्त भट्ट पुत्र पदमादत्त की गडकरी नदी में और खटीमा निवासी 32 वर्षीय कुंदन राम पुत्र रमेश की मंगलवार रात किच्छा में हसनी नदी में डूबने से मौत हो गई । कुंदन किच्छा में नमक फैक्ट्री में काम करता था । आपदा में गदरपुर में भी एक युवक की मौत की सूचना कंट्रोल रूम को मिली है । बताया जा रहा है कि जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला व ग्रामीण स्तर के तकरीबन पंद्रह सौ सड़कें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं ।