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नानकमत्ता में भाजपा, कांग्रेस के बागी बिगाड़ सकते है दोनों ही पार्टियों के समीकरण मुकाबला होगा रोचक

नानकमत्ता में भाजपा, कांग्रेस के बागी बिगाड़ सकते है दोनों ही पार्टियों के समीकरण मुकाबला होगा रोचक


 नानकमत्ता:(ब्यूरो) 69 विधानसभा नानकमत्ता में होने वाले 14 फरवरी के मतदान में बहुत ही रोमांचक और कड़ा मुकाबला होने के आसार नजर आ रहे है। कांग्रेस और भाजपा में प्रत्याशियों के चयन की घोषणा के बाद दोनों ही पार्टियों के गुट 3 से 4 भागों में बंट गए है। भाजपा से निवर्तमान विधायक डॉ० प्रेम सिंह राणा के नाम की घोषणा के बाद आरएसएस छोड़कर भाजपा में आये श्रीपाल सिंह राणा ने बगावती सुर अपनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने की घोषणा कर दी है।तो वहीं विगत 2 बार से पार्टी से टिकट पाने की आस लगाए बैठे मुकेश राणा ने कल भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए निर्दलीय रूप से रण में कूदने का निर्णय ले लिया है। सुना जा रहा है कि अगर मुकेश राणा ने नामांकन नही भरा तो वह श्रीपाल सिंह राणा के समर्थन में जा सकते है। अगर ऐसा होता है तो नानकमत्ता की सीट पर कड़े मुकाबले के आसार हो सकते है। वहीं कांग्रेस आलाकमान ने पूर्व में 2 बार डॉ० प्रेम सिंह राणा से कड़ी हार का मुँह देख चुके गोपाल सिंह राणा को तीसरी बार अपने सिम्बल से चुनावी मैदान में उतार दिया है। जिससे यहां कांग्रेस 3 भागो में बटी हुई नजर आ रही है। पार्टी से टिकट की दावेदारी कर रहे अशोक सिह राणा, अनीस सिह राणा तथा पवन सिह राणा भी पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोंक सकते है। जिससे यहां कांग्रेस की हालत बद से बदतर हो सकती है। क्योंकि अशोक राणा ग्रुप में नगर की कद्दावर हस्तियां उनको टिकट दिलवाने के लिए प्रयासरत थी। जिससे उन लोगो मे असन्तोष फैल गया है। अंदरखाने इस गुट ने अशोक राणा को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करवा कर उसका समर्थन करने पर मंथन चल रहा है। गुट बाजी के चलते विधानसभा की जनता किसे चुनकर विधानसभा में भेजेगी यह तो भविष्य के गर्भ में है। लेकिन कुल मिलाकर चुनाव इस बार खड़े हुए प्रत्याशियों के छक्के छुड़ा सकता है।ओर बाजी किसी पार्टी की ओर भी पलट सकती है।

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