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नानकमत्ता विधानसभा में कांग्रेस तथा भाजपा से दो-दो दावेदार ।

नानकमत्ता विधानसभा में कांग्रेस तथा भाजपा से दो-दो दावेदार ।


तीसरी बार भी भाजपा से डॉ० प्रेम सिंह राणा के टिकट पर मोहर लग सकती है।   


कांग्रेस से गोपाल राणा को टिकट मिल सकती है।   


भाजपा से श्रीपाल राणा तो कांग्रेस से अशोक राणा भी जता रहे अपनी-अपनी दावेदारी।

  नानकमत्ता:(ब्यूरो) विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही भाजपा कांग्रेस समेत अन्य सभी क्षेत्रीय पार्टियों में सरगर्मी एकाएक बढ़ गई है, नानकमत्ता विधानसभा सीट पर भी भाजपा व कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी तय नहीं किया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने आनंद सिंह राणा को प्रभारी विधानसभा बनाकर उनका टिकट लगभग फाइनल कर दिया है। जनजाति की आरक्षित नानकमत्ता सीट होने के कारण बसपा व सपा का जनाधार नही है।जिसके चलते अभी इन दोनों पार्टियों से प्रत्याशी नही सामने आए है। इधर भाजपा से विधायक डॉ० प्रेम सिंह राणा का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। जबकि कांग्रेस से पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा का टिकट भी लगभग तय ही है, ऐसे में तीसरी बार डॉ० प्रेम सिंह राणा और गोपाल सिंह राणा के बीच में मुकाबला होने की संभावना है, हालांकि भाजपा व कांग्रेस से दो-दो दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि नानकमत्ता विधानसभा सीट जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है, 2012 से आरक्षित नवगठित विधानसभा नानकमत्ता से दो बार डॉ० प्रेम सिंह राणा विधायक रह चुके हैं, वर्तमान में भी प्रेम सिंह राणा विधायक है, पिछले दो चुनावों में उनका मुकाबला खटीमा के दो बार के विधायक गोपाल सिंह राणा से हुआ था, गोपाल सिंह राणा से भाजपा को कड़ी टक्कर मिली,सन 2012 में 5631 मतों से तो 2017 में 9531 मतों से डॉ०प्रेम सिह राणा ने जीत हासिल की थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी डॉ० प्रेम सिंह राणा और गोपाल सिंह राणा चुनावी ताल ठोक रहे हैं। गोपाल सिंह राणा कांग्रेस तो डॉ० प्रेम सिंह राणा भाजपा से मजबूत दावेदार है। भाजपा से प्रेम सिंह राणा के सामने संघ की पृष्ठभूमि से आये श्रीपाल राणा ने ताल ठोकी है, जो कि अभी 6 माह पहले प्रांत सह कार्यवाहक का पद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे ओर इस कारण उनका नाम काफी तेजी से उछला था, लेकिन श्रीपाल राणा का नाम सामने आने के बाद वर्तमान विधायक डॉ० प्रेम सिंह राणा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच क्षेत्र में संपर्क तेज कर दिया था। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बनने के बाद विधायक राणा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण, डिग्री कॉलेज की घोषणा, नानकमत्ता को उप तहसील से तहसील का दर्जा दिलाना आदि कई कार्य की मजबूती का आधार बनाया है, खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद नानकमत्ता विधायक डॉ० प्रेम सिंह राणा का कद अचानक बढ़ गया । मुख्यमंत्री धामी भी अपने विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान विधायक राणा को अपने साथ में रखते रहे, नानकमत्ता विधानसभा सभा का अधिकतर हिस्सा खटीमा ब्लॉक में पड़ता है, जिस कारण खटीमा में जो विकास कार्य हुए हैं उसका श्रेय नानकमत्ता के विधायक को भी जाएगा, खटीमा में पुष्कर सिंह धामी की मजबूती के साथ नानकमत्ता विधानसभा भी मजबूत हुई है।इधर संघ से जुड़े पदाधिकारी श्रीपाल राणा को टिकट दिलाने के लिए संघ के लोग जोर लगा रहे हैं, तो वहीं भाजपा से जुड़े लोग डॉ० प्रेम सिंह राणा के पक्ष में हैं, भाजपा इन दोनों में से किसको टिकट देती है अभी समय बताएगा। लेकर सूत्रों की माने तो डॉ० प्रेम सिंह राणा सेटिंग विधायक हैं, इसलिए भाजपा नेतृत्व कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता है,इसलिए इनका टिकट तय माना जा रहा है, कांग्रेस से भी पूर्व विधायक खटीमा के सामने अशोक राणा का नाम भी तेजी से आ रहा है, कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक गोपाल सिंह राणा की पार्टी में अच्छी पकड़ है, पार्टी नेतृत्व में कई पूर्व विधायक, और पदाधिकारी गोपाल सिंह राणा को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे हैं, वही कुछ युवा अशोक राणा को टिकट दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, फिलहाल दोनों ही दलों ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन चर्चा है कि गोपाल राणा और प्रेम राणा के बीच में तीसरी बार भी कड़ा मुकाबला होने जा रहा है, दोनों ही टिकट पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं, इसके अलावा अशोक राणा, श्रीपाल राणा के समर्थक भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं, टिकट मिलने से पहले ही सभी दलों ने अपना जनसंपर्क तेज कर दिया है, मुख्य दावेदार टिकट को लेकर अपना-अपना पक्का दावा जता रहे हैं।बाकी आने वाला समय बतायेगा कि टिकट किसको-किसको मिलता है।
 

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