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होली आई रे......

होली आई रे......

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सितारगज:(चरनसिंह सरारी) हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बिडोरा मझोला के सरस्वती कलोनी मे होली का कार्यक्रम  किया जा रहा है।महिला, पुरुष होल्यारों की टोली बना कर अपने पुराने जमाने कि संस्कृत गीतों के साथ होली खेलते हुए देखे जा सकते है।बता दें कि पिछले 13 वर्षों की भांति इस वर्ष भी होली का कार्यक्रम बड़े हर्षोउल्लास के साथ सरस्वती कलोनी मे किया ज रहा  है  इस बार भी होल्यारों की सैकड़ों की तादात में होल्यारों की टोलिया होली खेलने पहुँच रही है।सी०एस० बहुगुणा  ने बताया ये होली हमारी सरस्वती कलोनी मे 13 वर्षो से  लगतार खेली जा रही है।  इसमे हम सब आपस मे जो हमारा आपसी भाईचारा हे। इस होली के माध्यम से बना रहता है और हम सब मिलजुल कर हमारे पूर्वजों से होली कार्यक्रम चला आ रहा है। हम इसे लगतार आगे तक करतेे रहेंगे,होली हमारी सांस्कृतिक प्रथा है, बचपन में हमने होली बहुत गाई थी।लेकिन कुछ समय होली विलुप्त सी हो गयी थी। उन्होंने आगे कहा कि हमारा तो ये प्रयास रहता है कि जो हमारी सांस्कृतिक विरासत हमारी धरोवर हमारे पूर्वजों ने हमे सौंपी थी वो हम अपने बच्चों को सौंप कर जाएं,ताकि ये परंपरा निरंतर बढ़ती रहे और हमारी सांस्कृतिक विधाएं जीवित रहे। इस मोके मे चन्द्रशेखर बहुगुणा, जीवन भट्ट, मोहन भट्ट, महेश भट्ट, आन सिह रावत, लक्षमण सिह, हरीश मठेला, रमेश जोशी, घनश्याम जोशी, दीपा जलाल, ममता भट्ट, हेमा भट्ट, भावना बिष्ट, बसन्ती भट्ट, कमला भट्ट,  कान्ति देवी, पार्वती रावत,ज्योती अटवाल, हेमा भट्ट अदि मौजूद रहे।

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