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नशा मुक्ति केंद्र बनते जा रहे मौत का अड्डा, सितारगंज व खटीमा में भी नशा मुक्ति केंद्रों पर हो चुकी है एक-एक मौत।स्वास्थ्य विभाग क्यो नही कर रहा इनपर सख्त कार्यवाही।

नशा मुक्ति केंद्र बनते जा रहे मौत का अड्डा, सितारगंज व खटीमा में भी नशा मुक्ति केंद्रों पर हो चुकी है एक-एक मौत।स्वास्थ्य विभाग क्यो नही कर रहा इनपर सख्त कार्यवाही।

किच्छा/रुद्रपुर:(चरनसिंह सरारी) जनपद ऊधमसिंहनगर में अवैध रुप से संचालित नशामुक्ति केंद्र मौत का अड्डा बनते जा रहे है, सितारगंज और खटीमा के बाद किच्छा में भी अवैध रुप से संचालित नशामुक्ति केंद्र पर युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर आयी हैं। बताया जा रहा है कि किच्छा के थाना पुल भट्टा के अंतर्गत सिरौली कला निवासी अनवार पुलभट्टा क्षेत्र में नई रोशनी नशा मुक्ति केंद्र का संचालन करता है। मृतक के परिजनों ने बताया कि बीती 6 जुलाई को जवाहर नगर निवासी भुवन सुआल को परिजन नशे की लत लगने के कारण  नई रोशनी नशा मुक्ति केंद्र में नशे की आदत छुड़ाने के लिए भर्ती कर गए थे, भर्ती के नाम पर अच्छी खासी रकम भी नशा मुक्ति केंद्र संचालक ने वसूल की थी। मृतक के परिजनों का कहना था कि बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र की ओर से सूचना मिली कि भुवन सुआल की अचानक तबियत बिगड़ गई जिसे नगर के सरकारी अस्पताल लाया गया है । सूचना पर  नगर से सटे जवाहर नगर निवासी मृतक के परिजनों के अलावा पत्नी भावना सुआल चिकित्सालय पहुंची तो शव चिकित्सालय परिसर में पड़ा हुआ था।। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। मृतक की पत्नी भावना सुआल की ओर से नशा मुक्ति केंद्र संचालक की लापरवाही तथा संदिग्ध हालत में मौत को लेकर थाना पुल भट्टा पुलिस को तहरीर सौंपकर नशा मुक्ति केंद्र संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्यवाही संभव है । सूचना पर पहुंचे कांग्रेसी नेता एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरु ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए न्याय दिलाने की बात कही है। इस मामले में किच्छा एसडीएम ने नशामुक्ति केंद्र के संचालक की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई है तो स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं है।सवाल उठता कि नशामुक्ति केंद्र किस के आदेश पर संचालित हो रहे है। लगातार हो रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है। सितारगंज के एक नशा मुक्ति केंद्र पर पिछले दिनों हुई कार्यवाही में नशा और गर्भनिरोधक गोलियां मिली थी। लेकिन नशामुक्ति केंद्र के खिलाफ न तो स्वस्थ विभाग ने और ही पुलिस ने कोई कार्यवाही की।
फोटो-किच्छा सरकारी चिकित्सालय में केन्द्र संचालक से नाराज़गी जताते मृतक के परिजन।


बॉक्स—-मृतक की पत्नी भावना सुआल समेत परिजनों ने बताया कि नशा मुक्ति के संचालक अनवार स्वयं को हाईकोर्ट का एडवोकेट बताते हुए तथा उत्तराखंड सरकार में एक कैबिनेट मंत्री का करीबी बताते हुए दबाव बनाते हुए धमका रहा है तथा स्थानीय होने के नाते उसके तमाम रिश्तेदार सरकारी चिकित्सालय पहुंच गए तथा मृतक के परिजनों को दवाब व धमकाने में लगे रहे।

बॉक्स— नशा मुक्ति केंद्र में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की हुई मौत के सम्बंध में जानकारी लेने पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को भी नशा मुक्ति केंद्र संचालक अनवार धमकाने लगा कि मेरी व मेरे रिश्तेदारो की पहुंच एक कैबिनेट मंत्री तक है तथा वह स्वयं हाईकोर्ट में एडवोकेट है हमारा शासन प्रशासन एवं पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। जो छापना हो और जो टीवी चैनल पर दिखाना हो दिखा सकते हो हमारी पहुंच ऊपर तक होने के कारण हमारा बाल बांका भी नहीं होगा।

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