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मामूली विवाद बदला मातम में,जीजा ने साले के सिर पर मारी लाठी, साले की हुई मौत।

मामूली विवाद बदला मातम में,जीजा ने साले के सिर पर मारी लाठी, साले की हुई मौत।

नानकमत्ता :(चरनसिंह सरारी) बच्चे के जन्म दिन की पार्टी में जीजा साले में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि जीजा ने साले के सिर पर लाठी मारकर निर्मम हत्या कर दी। सूचना पर थाना अध्यक्ष देवेंद्र गौरव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। जानकारी के अनुसार ग्राम सिद्धा नवदिया शमशान घाट के समीप नगर पंचायत सफाई कर्मचारी सन्नी कुमार पुत्र पतरस के यहां गुरूवार रात बच्चे के जन्म दिन की पार्टी चल रही थी। सभी रिश्तेदार भी जन्म दिन पार्टी पर शामिल हुए। पार्टी में जीजा साले में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गाली गलौज की नौबत आ गई। साले ने विरोध किया तो जीजा ने मारपीट शुरू कर दी। जीजा ने साले अजय कुमार के सिर पर लाठी मारकर घायल कर दिया। सन्नी अपने भाई को बचाने गया तो उसके साथ भी मारपीट कर घायल कर दिया। अजय कुमार लहुलुहान होकर गंभीर रूप घायल हो गया। परिजनों ने आनन- फानन में 108 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नानकमत्ता पहुँचाया, जहां चिकित्सक ने घायल को मृतक घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर घर पर कोहराम मच गया। पत्नी सविता मां शकुंतला, का रो रो कर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने बताया कि अजय कुमार की चार माह पूर्व शादी हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया। मृतक की मां शकुंतला देवी ने पुलिस को नामजद तहरीर सौंपकर आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। मृतक अजय घरों में रंगाई पुताई कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था।


स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक के न मिलने पर मृतक के परिजनों का हंगामा।


नानकमत्ता: अजय कुमार लहुलुहान हालत में गम्भीर रूप से घायल था। उपचार के लिए परिजन 108 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे।लेकिन मोके पर चिकित्सक न मिलने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। थानाध्यक्ष देवेंद्र गौरव पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे ओर परिजनों को समझाने का प्रयास किया मगर गुस्साए परिजनों ने किसी की  नहीं सुनी ओर हंगामा काटते रहे। बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हर संभव मनाने का प्रयास किया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। 1 घंटे बाद चिकित्सक अस्पताल में पहुंचे। मृतक की मां शकुंतला ने कहा कि सही समय पर मेरे पुत्र का इलाज हो जाता तो शायद मेरा पुत्र बच सकता था।

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