मुख्यमंत्री धामी ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में टेका मत्था। नानकमत्ता का नाम श्री नानकमत्ता साहिब रखने की की घोषणा।
25 सितंबर, 2022
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नानकमत्ता: (चरनसिंह सरारी) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता का नाम बदलकर श्री नानकमत्ता साहिब करने की घोषणा के साथ ही गुरूद्वारा साहिब में विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के लिए नए फिडर लगाने की घोषणा की। सीएम की घोषणा पर मुहर लगने के बाद नानकमत्ता का नाम बदलकर श्री नानकमत्ता साहिब हो जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री आज गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुँचे ओर दरबार साहिब में मत्था टेका।उन्हें गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब की ओर से स्मृति चिन्ह व सरोपा भेट किया गया।इसके उपरांत धार्मिक कारसेवा डेरे में संत बाबा टहल सिंह, बाबा फौजा सिंह, बाबा हरवंश सिंह को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँच सिक्ख संगत को सम्बोंधित किया।
नानकमत्ता:(चरनसिंह सरारी) बाबा हरबंस सिंह , बाबा टहल सिंह व बाबा फौजा सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन सेवा में समर्पित कर समाज में आदर्श प्रस्तुत किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धार्मिक डेरा कार सेवा में बाबा हरबंस सिंह, बाबा फौजा सिंह, बाबा टहल सिंह की सलाना बरसी पर शिरकत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सालाना बरसी पर बोले सो निहाल सत श्री अकाल का जयकारा लगाकर संगत को संबोधित किया। उन्होंने बाबा हरबंस सिंह, बाबा फौजा सिंह बाबा टहल सिंह की बरसी पर उनको याद कर उन्हें शत-शत नमन किया। श्री धामी ने कहा कि धार्मिक कार सेवा में महान संतो का बहुत योगदान रहा। उनकी याद को कभी भुलाया नहीं जा सकता। संतो ने अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित किया। अपने जीवन और अपने शरीर को एक एक दिन काम में लगाया। समाज के लिए हर वो काम करने की कोशिश की जिसमे समाज की भलाई हो सकें, समाज को मदद मिलती रहे और समाज आगे बढ़ता रहे और जन सेवा होती रहें। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बाबा टहल सिंह को मैंने बहुत करीब से देखा है। उन्होंने एक-एक पल भूखे प्यासे रहकर लोगों की सेवा करने का काम किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री श्री धामी को बाबा बचन सिंह दिल्ली वालो ने व बाबा बचन सिंह ने शाल,तलवार व सरोपा भेंट कर सम्मानित किया। बरसी पर बड़ी संख्या में सिख संगत ने भाग लिया। बाबा की बरसी पर प्रसिद्ध रागी, दाढ़ी कवीसरी जत्थों ने संतो के बताए मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। लंगर हॉल में गुरु का अटूट लंगर बताया गया। इस मौके पर पूर्व सिंह साहिबान ज्ञानी गुरबचन सिंह, बाबा बचन सिंह, बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा गुरजंट सिंह, बाबा श्याम सिंह, बाबा तरसेम सिंह, बाबा लखबीर सिंह, बाबा सुखा सिंह, बाबा निम्मा सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरबंस सिंह चुघ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टी०सी०मंजू, पूर्व विधायक डॉ० प्रेम सिंह राणा, वरुण अग्रवाल, इंद्रपाल सिंह मान, गौरव वर्मा, प्रमोद अग्रवाल, दिलबाग सिंह, दारा सिंह नरवैल सिंह संधू, ओम नारायण राणा, उमेश अग्रवाल आदि हजारो संगत मौजूद रही।