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श्री राम के राज्याभिषेक के साथ पर्वती रामलीला का समापन।

श्री राम के राज्याभिषेक के साथ पर्वती रामलीला का समापन।


सितारगंज:(चरन सिह सरारी) उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित श्री रामलीला समारोह का बुधवार की रात भगवान राम के राजतिलक के साथ समापन हुआ। शहरवासियों की उपस्थिति में भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया।श्रद्धालुओं ने भगवान राम के राज्याभिषेक की खुशियां मनाई।बुधवार की रात सितारगंज पर्वतीय रामलीला मैदान पर अहंकारी रावण का वध करने के बाद भरत मिलाप के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का राज्याभिषेक किया गया, राम रावण के बीच युद्ध के मंचन को दर्शकों ने तालियों से श्रीराम के जयघोष के बीच सराहा। राम ने अग्निबाण चला कर रावण का अंत किया। इस दौरान जैसे रावण का अंत हुआ वहां मौजूद दर्शक भगवान राम के जयकारे लगाने लगे। पूरा कार्यक्रम स्थल जयकारों से गूंज उठा। रामलीला में राम के अयोध्या पहुंचने पर खुशियां मनाई गई। उस भगवान की आज्ञा पर विधि विधान से श्रीराम का अभिषेक हुआ। इसके बाद आकर्षक रामदरबार सजाया गया। जहां प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न, हनुमान का आशीर्वाद लेने लोग पहुंचे। इसके बाद अंगद, सुग्रीव, विभीषण की विदाई हुई। सीता जी ने हनुमान जी को मोतियों की माला दी। हनुमान जी का माला तोड़ने और अपने हृदय में श्रीराम दिखाने की कथा हुई। रामलीला समापन के बाद बृहस्पतिवार को श्री रामलीला मंच पर पंडित धीरेंद्र पंत ने मुख्य जजमान गोपाल सिंह बिष्ट, अंबादत्त मोनी शहित समस्त संचालन समिति ने हवन किया। तत्पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी की स्तुति के बाद प्रसाद वितरण किया गया, उसके बाद उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के आयोजकों ने उपहार स्वरूप विभिन्न पात्रों का किरदार निभा रहे पात्रों को  पुस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रामलीला के पात्रों को पुरूस्कार वितरण किए गए एवं सहभोज के साथ रामलीला का समापन किया गया। रामलीला के सफल संचालन के लिए उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट ने संचालन समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई एवं संचालन समिति ने विभिन्न पात्रों का किरदार निभा रहे पात्रों को पुरस्कृत कर शुभकामनाएं दी इस दौरान उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के संगठन मंत्री युवा पिछले 37 वर्षों से लंकापति रावण का शानदार अभिनय कर रहे डिप्टी रेंजर धीरेंद्र पंत ने कहा की हमारी संस्कृति हमारी धरोहर है हमारी महान संस्कृति व सनातन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा। कार्यक्रम में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल सिह बिष्ट, उपाध्यक्ष अंबादत्त मोनी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, संगठन मंत्री धीरेंद्र पंत, बद्री दत्त नगदली, डी०के० पंतोला, महेश भट्ट, राजेंद्र पंतोला, त्रिलोचन गहतोड़ी, मदन सिंह परिहार, भोला जोशी, सतीश उपाध्याय, पार्वती, कपिल, नवीन भट्ट निराला सहित पर्वतीय रामलीला सितारगंज में किरदार निभाने वाले सभी पात्र मौजूद रहे। इस वर्ष की रामलीला का आकर्षण का केंद्र सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले गुरुशान सिंह लाली का सीता के रूप में जबरदस्त  अभिनय रहा।

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