एसडीएम सितारगंज तुषार सैनी ने नानकमत्ता के प्राइवेट धर्म कांटे पर मारा छापा।
18 अक्टूबर, 2023
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नानकमत्ता:(चरनसिंह सरारी)सितारगंज एसडीएम तुषार सैनी ने नानकमत्ता के प्राइवेट धर्म कांटे पर छापा मारा। तहसील नानकमत्ता के एक किसान द्वारा दूरभाष के माध्यम से अवगत कराया गया कि उनके द्वारा अपनी धान से भरी ट्राली को मण्डी समिति नानकमत्ता के धर्मकाटे पर तुलवाया गया इसके उपरान्त जब उनके द्वारा पुनः अपनी धान से भरी ट्राली को भगवती धर्मकांटा पंचपेड़ा नानकमत्ता में तुलवाया गया तो दोनों धर्मकॉटे के वजन में लगभग 65 किलो का अन्तर आ रहा है, जिससे उसे नुकसान हो रहा है। उक्त शिकायत के क्रम में एसडीएम द्वारा स्वयं प्रकरण के सम्बन्ध में जाँच प्रारम्भ कि गयी, इस प्रकरण पर जॉच किये जाने के उद्देश्य से एसडीएम द्वारा सर्वप्रथम अपने राजकीय वाहन की तौल मण्डी परिसर सितारगंज में स्थित धर्मकांटे पर तोल करायी गयी, जिसमें राजकीय वाहन का वजन 1925 किलो ग्राम निकला, इसके उपरान्त राजकीय वाहन का वजन भगवती धर्मकोंटे पर कराया गया तो वाहन का वजन 1920 किलोग्राम निकला उक्त दोनों धर्मकॉटों पर राजकीय वाहन के वजन में कुल 5 किलोग्राम का अन्तर पाया गया।
इसी प्रकार भगवती धर्मकोंटे पर शिकायतकर्ता गोपाल सिहं पुत्र राम सिहं की धान से भरी ट्राली का वजन कराया गया तो उक्त ट्राली का कुल वजन 9490 किलोग्राम पाया गया, वजन की सही पुष्टि किये जाने के दृष्टिगत उक्त धर्मकोंटे के सामने स्थित बाला जी धर्मकॉटे पर पुनः उक्त ट्राली का वजन कराया गया तो उक्त भरी ट्राली का वजन 9500 किलोग्राम निकला जिसके अनुसार उक्त दोनो धर्मकॉटे के वजन में 10 किलोग्राम का अन्तर पाया गया। इसके उपरान्त शिकायतकर्ता की उक्त धान से भरी ट्राली का पुनः मण्डी परिसर नानकमत्ता स्थित धर्मकांटे पर वजन कराया गया तो शिकायतकर्ता की उक्त धान से भरी ट्राली का वजन 9555 किलोग्राम निकला, जिससे स्पष्ट है कि सरकारी धर्मकाँटे एवं प्राइवेट धर्मकांटे पर कराये गये वजन में लगभग 65 से 75 किलोग्राम का अन्तर आ रहा है, जिससे काश्तकारों को भारी नुकसान होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। प्रथम दृष्टया प्राइवेट धर्मकॉटों पर घोर अनियमितिता की जा रही है, जिसकी जाँच किया जाना आवश्यक है जिससे काश्तकारों को भारी नुकसान पॅहुचने से बचाया जा सके।मण्डी सचिव नानकमत्ता से वार्ता कि गयी एंव जानकारी प्राप्त किये जाने पर उनके द्वारा अवगत कराया गया कि नियमानुसार मण्डी परिसर स्थित धर्मकॉटें से वजन कराये जाने के उपरान्त अन्य किसी धर्मकांटे से वजन कराया जाना आवश्यक नहीं है किसी भी राईस मिलर स्वामी को मण्डी के धर्मकाटे से जारी वजन पर्ची को मानना आवश्यक है। इसी प्रकार मण्डी समिति द्वारा जारी धान के मोश्चर सम्बन्धी रिपॉट को भी राईस मिल स्वामी को मानना होगा इस सम्बन्ध में मण्डी सचिव नानकमत्ता एवं मंडी सचिव सितारगंज को निर्देशित किया जाता है।