मशीन में फंसा नाबालिग मजदूर का हाथ, अंगूठा काटने की नौबत — सितारगंज की फैक्ट्री पर गंभीर सवाल, ₹10 लाख मुआवजा व मासिक पेंशन की मांग।
20 मार्च, 2026
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सितारगंज:(चरनसिंह सरारी) नगर क्षेत्र की एक पन्नी फैक्ट्री में हुई दर्दनाक घटना ने श्रम सुरक्षा और बाल श्रम के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। बीते 20 फरवरी 2026 को सितारगंज स्थित अग्रवाल फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कंपनी में काम के दौरान गोठा निवासी 16 वर्षीय नाबालिग रोहित कुमार पुत्र वीरेंद्र प्रकाश का दाहिना हाथ अचानक मशीन में फंस गया, जिससे उसका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। घटना के बाद घायल बच्चे का इलाज चल रहा है, लेकिन डॉक्टरों ने बताया है कि चोट इतनी गंभीर है कि उसके दाहिने हाथ का अंगूठा काटना पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो कम उम्र में ही बच्चे को आजीवन दिव्यांगता का सामना करना पड़ेगा और उसके पढ़ाई-लिखाई व सामान्य जीवन पर गहरा असर पड़ेगा। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित परिवार ने अपनी पीड़ा बताते हुए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार को पत्र के माध्यम से पूरी घटना से अवगत कराया। संज्ञान लेते हुए सतेन्द्र कुमार ने कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत की और श्रम प्रवर्तन कार्यालय सितारगंज को लिखित शिकायत देकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि पढ़ने-लिखने की उम्र में नाबालिग से काम कराना नियमों की खुली अनदेखी है और इसी लापरवाही का परिणाम आज एक बच्चे को भुगतना पड़ रहा है। पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा, कंपनी द्वारा बच्चे के बेहतर और पूर्ण इलाज की जिम्मेदारी, घायल बच्चे को प्रतिमाह 10 हजार रुपये दिव्यांगता पेंशन तथा फैक्ट्री में सभी श्रमिकों के लिए मानक के अनुरूप सुरक्षा किट और सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू करने की मांग रखी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और बच्चे या मजदूर के साथ ऐसा हादसा न हो।