वैशाखी पर्व हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम व उत्साहपूर्वक मनाया
नानकमत्ता:(ब्यूरो) ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में 322 वॉ खालसा साजना दिवस(वैशाखी पर्व)हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम व उत्साहपूर्वक मनाया गया।दूर दराज क्षेत्रो से सैकड़ो संगतो ने गुरुद्वारा साहिब में पहुँच दरबार साहिब में मत्था टेक अरदास की ओर गुरु का प्रसाद ग्रहण किया।इस दौरान पीपल साहिब के दर्शन करते हुए पवित्र सरोवर में स्नान किया।इधर गर्मी को देखते हुए भी गुरुद्वारा साहिब में संगतो का आना-जाना लगा रहा।इधर सेकड़ो संगतो ने पंजा साहिब,दरबार साहिब,दूध वाला कुआ,अजायब घर,भंडारा साहिब,बाहुली साहिब आदि धार्मिक स्थलों के दर्शन किये।इधर धार्मिक दीवान सजाया गया जिसमें रागी,ढाडी, कविसरी जत्थो में जगदीश सिंह वडाला, शमशेर सिंह,लखविंदर सिंह हेड ग्रन्थी आदि ने गुरु की महिमा का वख्यान कर संगतो को निहाल किया। बैसाखी के संबंध में यह माना जाता है कि आज ही के दिन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविन्द सिंह जी ने आनन्दपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की स्थापना थी। खालसा पंथ की स्थापना का उदेश्य उस समय के मुग़ल शासकों के अत्याचार से लोगों की रक्षा करना था, और बैसाखी पर्व को एक कृषि पर्व के रूप में भी खूब मनाया जाता है। इस दिन तक रबी की फसल पक जाती है उस उत्साह के कारण भी लोग बैसाखी उत्साह से मानते हैं।इधर सैकड़ो संगतो ने लंगरहाल पहुँचकर गुरु का अटूट लंगर छका।धार्मिक डेरा कार सेवा तथा लोह लंगर डेरा कार सेवा बाबा सुलखन सिंह में भी वैशाखी पर बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया।सैकड़ो संगतो ने गुरु का लंगर छका।वैशाखी पर्व पर विभिन्न प्रकार की दुकानें भी लगी थी।जिसमे संगतो ने अपनी जरूरत अनुसार समान खरीदा। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान स० सेवा सिह,स०जरनैल सिंह,स०निशान सिह,स०प्रगट सिंह, स०कुलदीप सिंह पन्नू, स०लक्खा सिंह,मै नेजर रंजीत सिंह, सुखवंत सिंह भुल्लर,बलदेव सिंह चीमा सहित सैकड़ों संगत मौजूद रही।