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  आंदोलन पर बैठे किसानों को छः माह पूरे होने पर किसानों ने मनाया आज काला दिवस

आंदोलन पर बैठे किसानों को छः माह पूरे होने पर किसानों ने मनाया आज काला दिवस



सितारगंज:(ब्यूरो)  मोदी सरकार द्वारा बनाये गये कृषि काले कानूनों के विरोध में दिल्ली के अलग अलग बॉडरो पर देश भर के किसानों द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन को आज छः महीने पूरे होने पर, पूरे देश के किसानों द्वारा अपने घरों, ट्रैक्टरों व अपनी कारो पर काले झंडे लगा कर मनाया जा रहा है काला दिवस। आज अखिल भारतीय किसान यूनियन के नंगला मण्डल नानकमत्ता के अध्यक्ष मनखुशी सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर  आज काला दिवस मनाया वही सितारगंज में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जोगेन्दर यादव के नेतृत्व में ,किसानों ने अपने घरों,ट्रैक्टरों, व कारो पर काले झंडे लगा कर विरोध जताया और काला दिवस मनाया और जोगेन्दर यादव ने कहा कि जब तक काले कानून वापिस नही तब तक घर वापिस नही, क्योंकि मोदी सरकार ने किसानों पर काले कानून थोप दिये है देश भर के किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे है दिल्ली के अलग अलग बॉडरो पर देश भर के किसानों द्वारा आंदोलन चलाया जा रहा है आज पूरे छः महीने हो चुके है लेकिन मोदी सरकार किसानों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है किसान शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे है लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार अन्नदाताओं पर अमानवीय व्यवहार भी कर चुकी है। किसान अपने घर परिवार को छोड़कर पिछले छः माह से कड़कती सर्दी अंधी तूफान बारिश अत्यधिक गर्मी में महिलाएं बच्चे,नोजवान, बूढे आदि भूख प्यास की परवाह किये बगैर शांतिपूर्वक आंदोलन पर बैठे है और अपनी जायज माँगो को मांग रहे है कृषि काले कानून सरकार वापस ले और एम एस पी पर गरंटी कानून बनाये क्योकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नही मिल पाता है और किसानों को ओने पौने दामों पर अपनी फसल को बेचने को मजबूर होना पड़ता है किसानों को बिचोलिये और व्यापारी मिलकर लुटरहे है किसानों को महंगे खाद बीज डीजल,बैंको से उची ब्याज पर ऋण लेकर फसल को उगता है साथ ही दैविक आपदाओ से किसानों की फसलें नष्ट हो जाती है न उचित मूल्य न मुआवजा जिसके कारण देश मे लाखो किसानों द्वारा हर साल आत्महत्या की जा रही है और कर्ज में फंसता जा रहा है। किसानों द्वारा अपनी जयज मांगो को लेकर आंदोलन किया जा रहा है लेकिन मोदी सरकार  के कान पर जू तक नही रेंग रही है आंदोलन पर बैठे किसानों की लगभग पांच सौ से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन मोदी सरकार ने श्रधांजलि तक देना उचित नही समझ है न ही दुःख जताया है बल्कि किसानों को खालिस्तानी आंदोलन जीवी तरह तरह गैर जिम्मेदार ब्यान जरूर दिये हैं  और । केन्द्र की मोदी सरकार सरकारी कम्पनियों को बेच रही है लोग बेरोजगार हो रहे है देश मे अस्प्तालो का बुरा हाल है कोरोना महामारी से देश मे लाखो मोते हो चुकी है सरकार महामारी को रोकने में विफल रही है महंगाई चर्म सीमा पर है,बेरोजगारो की लाइन लम्बी होती जा रही है , वही सरकार सिर्फ चुनावो पर ध्यान दे रही है लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट मँडरा रहा है लेकिन सरकार को कोई लेना देना नही है,मोदी सरकार को किसानों की मांगों को तुरन्त मानना चाहिए और किसानों को घर भेजना चाहिए। काला दिवस मनाने वाले गांव नगला,सुनखरी,बिरिया ,धुमखेड़ा,ध्यानपुर ,मगरसडा,कोंडाखेड़ा, मैनझुन्डी,दानचोडा, सितारगंज आदि काला दिवस मनाने वाले किसान जोगेन्दर यादव,सुधीर चौधरी,मुन्ना यादव,सचिन चौधरी,सैयद अली,कर्म सिंह,अम्रत पाल सिंह, लाभ सिंह,जगमीत सिंह अमन सिंह,खड़क सिंह इंद्र सिंह,मनखुशी,खड़क सिंह ,सुनीता, सुशीला देवी, सावित्री देवी,लाहौर सिंह, लधन सिंह, हरबंश सिंह लाखन सिंह,कृष्ण सिंह,सुरेश सिंह, मलूक सिंह,प्रताप सिंह निर्मल सिंहआदि।

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