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मुख्यमंत्री के आगवन पर गुरु घर में हुई बेअदबी पर सिख संगत में भारी रोष

मुख्यमंत्री के आगवन पर गुरु घर में हुई बेअदबी पर सिख संगत में भारी रोष


नानकमत्ता: (ब्यूरो) बीती 24 जुलाई को मुख्यमंत्री के नानकमत्ता आगवन पर हुई बेअदबी पर सिख समुदाय के लोगो में भारी रोष देखने को मिल रहा है मंगलवार को नानकमत्ता गुरुद्वारा में आयोजित दीवान हाल में हुई समुदाय के लोगो की बैठक में यूपी से हिस्सा लेने आ रहे सिख समाज के लोगों को यूपी पीलीभीत बार्डर पर पुलिस ने रोक लिया जिससे बाद सिख समाज के लोग भड़क गए और इस दौरान पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई । गुरुद्वारा नानकमत्ता में हुई सिख समाज की बैठक में सिख संगठन द्वारा नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा इस मामले में कोई भी ढील नही बरती जाएगी । हालांकि इस्तीफा देने के लिए पदाधिकारियों को 15 दिन का समय दिया गया है । वही 27 सदस्यीय समिति में से 19 सदस्य संगत के साथ हो गए और उन्होंने कहा की उन्हें मुख्यमंत्री के किसी भी कार्यक्रम की जानकारी नही दी गई थी । श्री अकाल तख्त अमृतसर साहिब के सिघसाहिबान जत्थेदार  ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है । जो तीन सदस्यीय कमेटी श्री अकाल तख्त के जत्थेदार  को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी । प्रशासन ने माहौल तनावपूर्ण देखते हुए काफी  भरी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया । 


आपको बता दे क्या है पूरा मामला 

24 जुलाई को मुख्यमंत्री के नानकमत्ता आगवन पर गुरुद्वारा के गेट पर स्वागत में कुछ बालिकाओं द्वारा संकृति नृत्य पेश किया था और नारेबाजी के बीच गुरुद्वारे में चल रही गुरबाणी को रोका गया था । और एक नृत्य का एक वीडियो भी वायरल हुआ डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह के द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चांदी का मुकुट पहनाया गया जिसके बाद से ही सिख समाज के लोग अक्रोशित हो गए और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारीयो से इस्तीफे की मांग करने लगे हालाकि इस्तीफे के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है ।  इसके बाद संगत ने कहा अगर तय समय अनुसार इस्तीफा नही दिया जाता तो संगत फिर से गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में एकत्र होगी 

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