सलमती, खैराना गांव में कहर बरपा रही कैलाश नदी
ग्रामीणों और किसानों पर दोहरी मार गांव से जोड़ने वाली सड़कों की हालत भी है जर्जर
नानकमत्ता:(ब्यूरो) कैलाश नदी सलमती और खैराना गांव में जमकर कहर बरपा रही है । लगातार पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश से गुरुवार की सुबह कैलाश नदी का जलस्तर बढ़ गया जिससे खैराना (बिचपुरी) और सलमती गांव में नदी ने कृषि भूमि में कटाव शुरू कर दिया । खेतो में जाने वाला कच्चा रास्ता भी कट गया नदी के कटाव से ग्राम सलमती बिचपुरी में निशान सिंह की तीन बीघा और स्वर्ण सिंह की पांच बीघा, मलकीत सिंह, मंगत सिंह, सोनू सिंह, रेशम सिंह, मक्खन सिंह की एक एक बीघा सहित दर्जनों किसानों की भूमि कटकर नदी में समा गई है । समय रहते शासन प्रशासन की ओर से कटाव से सुरक्षा के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए जिसके कारण दर्जनों किसानों की कृषि भूमि नदी की भेट चढ़ गई । वही किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा की उन्होंने काफी बार सिंचाई विभाग को इसकी जानकारी दी लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस पर कोई ठोस कदम नही उठाया । गुरुवार को भी ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को फोन पर सूचना दी लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई भी अधिकारी मौके पर सुध बुध लेने नही पहुंचा । मौके पर स्वर्ण सिंह, करनजीत सिंह, अमरजीत सिंह, मंगत सिंह, हरबंश सिंह, रिंकू सिंह, जगजीत सिंह, सुरजीत सिंह, निशान सिंह, दयाल सिंह, गुरमीत सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण और किसान मौजूद थे ।
नदी के कटाव के चलते सलमती बिचपुरी गांव को जोड़ने वाले पक्के रास्ते से नदी कटाव करते करते करीब 10 मीटर दूर ही रह गई है ऐसे में अगर रास्ता भी कटाव की भेट चढ़ गया तो ग्रामीणों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है ।
इसके साथ ही आसपास के गांव सलमता, बिडोरी के रास्तों के हालात भी कुछ खास अच्छे नही है जगह जगह टूटी फूटी सड़क के बीच बड़े बड़े गड्डे है जिसमें बारिश के समय में कीचड़ और पानी भर जाता है और जिसके चलते कभी कभी ग्रामीण चोटिल भी हो जाते है । ऐसे में डिजिटल इंडिया और गांव गांव पक्की सड़क का नारा सिर्फ नारा बनके रह गया है ।

